ग्वालियर में गैंगवार में हत्या, प्रॉपर्टी डीलर को दिनदहाड़े घेरकर छह गोलियां मारीं
ग्वालियर के हजीरा के वैष्णोपुरम, गदाईपुरा में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिकरवार (35) की बुधवार दोपहर एक बजे दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पंकज अपने यहां काम करने वाले राजू मारवाड़ी के साथ कंस्ट्रक्शन साइट से लौट रहा था। रास्ते में घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उसे घेरकर पिस्टल से 7 फायर किए। इनमें से 6 गोलियां पंकज को लगीं। इसके बाद बदमाशों के दो साथी अलग-अलग बाइक से आए, जिन पर बैठकर बदमाश हथियार लहराते हुए भाग गए। घायल पंकज की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
हत्या के बाद बदमाश जिन बाइकों पर भागे हैं, उनमें एक लाल रंग की पल्सर और दूसरी सफेद रंग की अपाचे बताई गई है। पूरी वारदात पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। लेकिन गोली चलाने वालों के चेहरे स्पष्ट न होने से उनकी पहचान नहीं हो पाई है। पंकज के खिलाफ भी पुलिस में हत्या के प्रयास सहित पांच अन्य मामले दर्ज हैं।
दर्ज थे कई केस, एक माह पहले पुलिस से मांगी थी सुरक्षा
बदमाश हत्या की पूरी प्लानिंग करके आए थे। उन्हें यह भी पता था कि वह कंस्ट्रक्शन साइट से किस रूट से, कितनी देर में निकलेगा। एक बदमाश सड़क किनारे पटिया के नीचे छिपकर बैठा था। जबकि दूसरा सड़क के दूसरी तरफ दीवार के पास खड़ा था। दोनों ने 10 मिनट पंकज का इंतजार किया। 1.04 बजे पंकज निकला। जैसे ही बाइक रोड पर पहुंची तो काली टी-शर्ट पहने बदमाश ने इशारा किया और बाइक मुड़ते ही पटिया के नीचे बैठे बदमाश ने गोलियां चलाना शुरू कर दी।
इनके नाम आए सामने : मृतक के भाई संतोष सिकरवार ने बताया कि परमाल सिंह तोमर लगातार उसकी रैकी करा रहा था। पंकज की हत्या में परमाल सिंह तोमर, रमन चौहान, संजय तोमर, अनिल यादव दतिया व अन्य शामिल हैं। वहीं कुछ लोगों ने परमाल को कुछ ही देर पहले स्कॉर्पियो से जाते देखा था।
कुछ माह पहले जेल से छूटा था परमाल, पंकज से थी रंजिश
वारदात में कुख्यात गैंगस्टर परमाल तोमर और उसके साथियों के नाम सामने आए हैं। इस वारदात को पिछले साल हुई गैंगस्टर अभिषेक तोमर की हत्या के बदले के रूप में देखा जा रहा है। अभिषेक गैंगस्टर परमाल का खास गुर्गा था। परमाल और पंकज में लंबे समय से रंजिश थी। परमाल कुछ महीने पहले ही जेल से छूटा था, उसके जेल से छूटते ही पंकज ने खुद की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने चार संदेही हिरासत में लिए हैं।
