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MP Election: गुना पहुंचा अमर उजाला का चुनावी रथ, 'सत्ता के संग्राम' में आम मतदाताओं ने रखी अपना बात
Mon, 30 Oct 2023 08:46 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 30 Oct 2023 08:46 AM IST
सार
MP Elections 2023: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से शुरू हुआ 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज (30 अक्टूबर) गुना पहुंचा है। सुबह-सुबह चाय की चुस्कियों के साथ मतदाताओं ने क्षेत्र के मुद्दों पर खुलकर बातचीत की।
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सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश की 230 तो भाजपा ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आगामी 17 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेशभर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां गुना पहुंचा है, जहां सुबह के वक्त आम मतदाताओं से अमर उजाला ने चर्चा की और उनके मुद्दों को जानने की कोशिश की। अमर उजाला के मंच पर लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।
अमर उजाला से चर्चा में एक मजदूर ने कहा कि हमारी कोई सुनवाई नहीं होती, यहां लोग काम पर ले जाते हैं, लेकिन काम का सही पैसा नहीं देते। लोग ज्यादा पैसों की बात कर के ले जाते हैं, लेकिन काम के बाद पैसे नहीं देते। वहीं, एक अन्य मजदूर ने कहा कि यहां मजदूरों के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है, ना पेय जल की व्यवस्था है, ना बारिश और धूप से बचने के लिए कोई शेड है। बारिश और गर्मी के दिनों में यहां बहुत दिक्कतें होती हैं। जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं का आभाव है।
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एक अन्य मजदूर ने चर्चा में कहा कि मजदूरी फिक्स होनी चाहिए। हमें सिर्फ 300 रुपये मजदूरी मिलती है, लेकिन उसमें गुजारा ठीक तरह से नहीं हो पाता। परिवार चलाना मुश्किल है। मजदूरों ने मजदूरी कार्ड बनाने की मांग की।
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अमर उजाला से चर्चा में एक मजदूर ने कहा कि हमारी कोई सुनवाई नहीं होती, यहां लोग काम पर ले जाते हैं, लेकिन काम का सही पैसा नहीं देते। लोग ज्यादा पैसों की बात कर के ले जाते हैं, लेकिन काम के बाद पैसे नहीं देते। वहीं, एक अन्य मजदूर ने कहा कि यहां मजदूरों के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है, ना पेय जल की व्यवस्था है, ना बारिश और धूप से बचने के लिए कोई शेड है। बारिश और गर्मी के दिनों में यहां बहुत दिक्कतें होती हैं। जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं का आभाव है।
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एक अन्य मजदूर ने चर्चा में कहा कि मजदूरी फिक्स होनी चाहिए। हमें सिर्फ 300 रुपये मजदूरी मिलती है, लेकिन उसमें गुजारा ठीक तरह से नहीं हो पाता। परिवार चलाना मुश्किल है। मजदूरों ने मजदूरी कार्ड बनाने की मांग की।
