MP News: धार में पोती तेंदुए के जबड़े में थी, दादी ने दोनों पैर खींचकर बचाई उसकी जान
धार जिले के नालछा ब्लॉक में हैदरी गांव में तेंदुए के हमले में दो लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने इस मसले पर अफसरों का घेराव किया।
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मध्य प्रदेश के धार जिले में पोती को तेंदुए ने जबड़े में दबोच लिया था और दादी ने उसके दोनों पैर खींचकर उसकी जान बचाई। दादी ने शोर मचाया तो तेंदुआ घर में दुबक गया और करीब 12 घंटे तक वहीं दुबका रहा। बाहर पिंजरा लगा देखकर रात को वह कवेलू की छत तोड़कर भाग गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों का घेराव किया।
मामला शनिवार सुबह का है। सुबह 6 बजे के करीब घर के आंगन में सो रहे बुजुर्ग दंपती जतनबाई और छगन दुबनिया के साथ ही उनकी 12 साल की पोती मनीषा पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने मनीषा को अपने जबड़े में दबोच लिया था। घर का दरवाजा खुला था, वह उसे दबोचकर घर के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था, तब दादी ने उसके दोनों पैर खींचे और तेंदुए के जबड़े से उसे बाहर निकाला। इस दौरान तेंदुए ने मनीषा के दादा को भी घायल कर दिया। शोर मचने पर खुद घर में दुबक गया। 12 घंटे तक घर में ही रहा। शाम 6 बजे तेंदुआ कवेलू की छत तोड़कर भाग गया। तेंदुए के भागने के दौरान भी एक ग्रामीण घायल हो गया। रात में दोबारा हमला न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने अफसरों का घेराव कर दिया। लिखित में देने के लिए अड़े रहे। अफसरों ने सभी को घर के अंदर सोने की समझाइश दी। ग्रामीणों ने थाने में भी आवेदन दिया है।
बच्ची के माता-पिता घर में सो रहे थे
जतनबाई के मुताबिक बेटा अनिल व पत्नी संतोषी घर में सो रहे थे। वहीं, दादी-दादी अपनी पोती के साथ आंगन में। सुबह जब नींद खुली तो सामने तेंदुआ था। तेंदुए ने पति पर झपट्टा मार दिया। इससे उनकी जीभ और होंठ कट गए। पीठ व सिर में भी चोटें आई हैं। इस बीच तेंदुए ने मनीषा को मुंह में दबाया और घर के अंदर जाने लगा। जतनबाई ने बच्ची के दोनों पैर पकड़े और खींचने लगी। शोर सुनकर अंदर सो रहे बेटा-बहू भी बाहर आ गए। पड़ोसी भी वहां पहुंच गए थे। तेंदुआ घर में घुसा तो दरवाजा बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
इंदौर से आई टीम नहीं कर सकी रेस्क्यू
तेंदुए को रेस्क्यू करने इंदौर के रालामंडल से वन विभाग की टीम को बुलाया गया था। सुबह 10 बजे टीम पहुंच भी गई थी। मकान कच्चा और छत कवेलू की होने से कुछ खास कर नहीं सकी। दरवाजे के सामने पिंजरा लगाकर तेंदुए का इंतजार किया, पर वह चकमा देकर निकल भागा। ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश भी की, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। शाम छह बजे वह छत तोड़कर भाग निकला। उसने राहुल शमशेर को भी पंजा मारकर घायल कर दिया। वन विभाग के एसडीओ संतोष रणछोरे ने बताया कि तेंदुआ कच्चे मकान में घुसा हुआ था। उसे रेस्क्यू करना मुश्किल था। मौका देखकर वह भाग निकला। जंगल में सर्च किया जाएगा।
