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Shahdol: सिंहपुर के पास फिर मालगाड़ी ने किया सिग्नल ओवर शूट, रेलवे के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे
Sun, 23 Apr 2023 01:06 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 23 Apr 2023 01:06 PM IST
सार
एसईसीआर बिलासपुर जोन के शहडोल- बुढ़ार रेल खंड के बीच सिंहपुर रेलवे स्टेशन के पास एक बार फिर से सिग्नल शूटआउट की घटना देखने को मिली। यहां एक मालगाड़ी रेड सिग्नल को पार कर आगे बढ़ गई।
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सिंहपुर के पास फिर मालगाड़ी ने किया सिग्नल ओवरशूुट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसईसीआर बिलासपुर जोन के शहडोल- बुढ़ार रेल खंड के बीच सिंहपुर रेलवे स्टेशन के पास 19 अप्रैल को हुए हादसे के बाद अभी रेल मार्ग पर पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही बहाल भी नहीं हो पाई थी, कि इस बीच एक मालगाड़ी के सिग्नल ओवर शूट की एक और घटना शुक्रवार रात करीब तीन बजकर 10 मिनट पर हो गयी।
जानकारी के अनुसार ओवरशूट की घटना सिंहपुर में शुक्रवार रात हुई। एन बॉक्स 503 डीएन डाउन में शहडोल से अनूपपुर जा रही थी, इसी दौरान सिंहपुर की लाइन नंबर एक में ओवरशूट हुआ। यहां पर रेड सिग्नल था, जिसे मालगाड़ी पार करते हुए आगे बढ़ गई थी। हालांकि लोको पायलट ने ओवरशूट के बाद मालगाड़ी को रोक दिया था। बताया जा रहा है कि यह स्टाटर सिग्नल था। 19 अप्रैल को रेल हादसे के बाद मालगाड़ियों का परिचालन बंद था। दो दिन बाद गिनती की गाड़ियों को निकाला जा रहा था। यात्री ट्रेन भी बंद थी। इस दौरान यात्री ट्रेन व मालगाड़ियों का परिचालन होता तो फिर बड़ी घटना घट सकती थी। बता दें, बीते दिनों सिंहपुर रेल हादसे में प्रबंधन को एक अरब से ज्यादा का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद बड़े बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल में काम चल रहा है, जिसकी हर दो घंटे में मॉनिटरिंग अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इस बीच ओवरशूट की एक और घटना सामने आई है। 19 अप्रैल को जिस सिंहपुर क्षेत्र में रेल हादसा हुआ था, उसी क्षेत्र में फिर एक मालगाड़ी ने ओवरशूट किया है। सिंहपुर रेल हादसे के बाद प्रबंधन इस घटना को दबाने में पूरी तरह जुटा रहा। रेलवे प्रबंधन का कहना था कि नॉन सिग्नल मूवमेंट था। सिस्टम वर्किंग नहीं था, फिर भी सुरक्षा के तौर पर मामले की जांच बैठाई है।
प्रबंधन का कहना है कि नॉन सिग्नल मूवमेंट था। पूरी जांच करा रहे हैं। ओवरशूट की घटना के बाद अधिकारियों ने छुपाने का काफी प्रयास किया, मामले पर कई बार अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की गई। उन्होंने अंतिम समय तक स्वीकार नहीं किया। हालांकि एक अधिकारी ने घटना स्वीकार की और मामले की जांच को एलआई के लिए भेजा गया।
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कुछ यात्री ट्रेनों की आवाजाही हुई शुरू
शुक्रवार की शाम तक रेल पटरियों से सभी इंजन व वैगन को हटा लिया गया था। रात दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार की शाम यात्री ट्रेनें भी निकाली गई। शुक्रवार की शाम कटनी से बिलासपुर की ओर मेमो व उदयपुर-शालीमार ट्रेन निकाली गई है। अधिकारियों का कहना है कि रविवार से इस मार्ग से यात्री ट्रेनों की संभवतः आवाजाही शुरू हो जाएगी। लेकिन बीते चार दिनों से यात्री ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सर्वाधिक परेशानी छात्रों को हुई। वर्तमान समय में पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं चल रही हैं। जिनका परीक्षा केंद्र कटनी, जबलपुर, सतना, भोपाल, इंदौर आदि स्थानों पर था। लेकिन चार दिनों तक यात्री ट्रेनें बन्द रहने से कई परीक्षार्थी परीक्षा देने से भी वंचित रह गए।
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जानकारी के अनुसार ओवरशूट की घटना सिंहपुर में शुक्रवार रात हुई। एन बॉक्स 503 डीएन डाउन में शहडोल से अनूपपुर जा रही थी, इसी दौरान सिंहपुर की लाइन नंबर एक में ओवरशूट हुआ। यहां पर रेड सिग्नल था, जिसे मालगाड़ी पार करते हुए आगे बढ़ गई थी। हालांकि लोको पायलट ने ओवरशूट के बाद मालगाड़ी को रोक दिया था। बताया जा रहा है कि यह स्टाटर सिग्नल था। 19 अप्रैल को रेल हादसे के बाद मालगाड़ियों का परिचालन बंद था। दो दिन बाद गिनती की गाड़ियों को निकाला जा रहा था। यात्री ट्रेन भी बंद थी। इस दौरान यात्री ट्रेन व मालगाड़ियों का परिचालन होता तो फिर बड़ी घटना घट सकती थी। बता दें, बीते दिनों सिंहपुर रेल हादसे में प्रबंधन को एक अरब से ज्यादा का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद बड़े बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल में काम चल रहा है, जिसकी हर दो घंटे में मॉनिटरिंग अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इस बीच ओवरशूट की एक और घटना सामने आई है। 19 अप्रैल को जिस सिंहपुर क्षेत्र में रेल हादसा हुआ था, उसी क्षेत्र में फिर एक मालगाड़ी ने ओवरशूट किया है। सिंहपुर रेल हादसे के बाद प्रबंधन इस घटना को दबाने में पूरी तरह जुटा रहा। रेलवे प्रबंधन का कहना था कि नॉन सिग्नल मूवमेंट था। सिस्टम वर्किंग नहीं था, फिर भी सुरक्षा के तौर पर मामले की जांच बैठाई है।
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प्रबंधन का कहना है कि नॉन सिग्नल मूवमेंट था। पूरी जांच करा रहे हैं। ओवरशूट की घटना के बाद अधिकारियों ने छुपाने का काफी प्रयास किया, मामले पर कई बार अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की गई। उन्होंने अंतिम समय तक स्वीकार नहीं किया। हालांकि एक अधिकारी ने घटना स्वीकार की और मामले की जांच को एलआई के लिए भेजा गया।
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कुछ यात्री ट्रेनों की आवाजाही हुई शुरू
शुक्रवार की शाम तक रेल पटरियों से सभी इंजन व वैगन को हटा लिया गया था। रात दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार की शाम यात्री ट्रेनें भी निकाली गई। शुक्रवार की शाम कटनी से बिलासपुर की ओर मेमो व उदयपुर-शालीमार ट्रेन निकाली गई है। अधिकारियों का कहना है कि रविवार से इस मार्ग से यात्री ट्रेनों की संभवतः आवाजाही शुरू हो जाएगी। लेकिन बीते चार दिनों से यात्री ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सर्वाधिक परेशानी छात्रों को हुई। वर्तमान समय में पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं चल रही हैं। जिनका परीक्षा केंद्र कटनी, जबलपुर, सतना, भोपाल, इंदौर आदि स्थानों पर था। लेकिन चार दिनों तक यात्री ट्रेनें बन्द रहने से कई परीक्षार्थी परीक्षा देने से भी वंचित रह गए।
