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सजा के नाम पर भेजते थे लड़कों के हॉस्टल

Wed, 09 Jan 2013 10:40 AM IST
भोपाल/सीहोर/इंटरनेट डेस्क
भोपाल/सीहोर/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 09 Jan 2013 10:40 AM IST
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girls were sent in boys hostel in name of punishment

सीहोर के एक गर्ल्स हॉस्टल में मानसिक रुप से कमजोर और मूक-बधिर छात्राओं को सजा देने के लिये लड़कों के हॉस्टल में भेजने का हैरतंगेज मामला सामने आया है। छात्राओं का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन से व्यवस्थाओं से संबंधित शिकायत की थी। साथ ही हॉस्टल में मानसिक रुप से कमजोर और मूक-बधिर नौ से 14 वर्ष की 18 छात्रायें भी गायब पाई गई हैं। यह हॉस्टल एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा चलाया जाता है।

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यह खुलासा मंगलवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा हॉस्टल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने सभी छात्राओं की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गायब हुई छात्राओं की सूची भी प्रबंधन से मांगी गई है।
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इस हॉस्टल में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर 15 दिसंबर को एसडीएम सीहोर हृदयेश श्रीवास्तव, अतिरिक्त तहसीलदार प्रियंका चौरसिया और जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अशोक पराडकर ने गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कई अनियमिततायें मिली थीं। संस्था के खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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डीपीसी और एपीसी स्वाति प्रियदर्शिनी ने भी छात्राओं को लड़कों के हॉस्टल में भेजे जाने और उनके साथ मारपीट होने की बात स्वीकार की है। एसडीएम ने बताया कि छात्राओं की जो संख्या रजिस्टर में दर्ज थी, निरीक्षण के दौरान उसमें से 18 छात्रायें हॉस्टल में नहीं मिलीं। संस्था द्वारा बताया गया कि वे अपने घर गई हैं। बाल आयोग ने इन सभी 18 छात्राओं को आयोग में उपस्थित करने के निर्देश दिए हैं।


इसके अलावा आयोग ने निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि सरकार से अनुदान मिलने के बावजूद भी छात्राओं को पूर्ण सुविधा नही दी जाती है। यहां तेज ठंड में भी छात्राओं को टीनशेड के नीचे एक कंबल में रात गुजारनी पड़ रही है। हॉस्टल के रसोई में राशन भी नहीं मिला। छात्राओं के लिए स्कूल यूनीफॉर्म के अलावा ड्रेस का इंतजाम भी नहीं किया गया है। जबकि, नि:शक्त बच्चों के लिए संस्था को राज्य शिक्षा केंद्र से सालाना 10 से 12 लाख रुपए अनुदान मिलता है। संस्था की प्रमुख संगीता एवं इरशाद जाफरी निरीक्षण के दौरान गायब थे।  

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