मध्यप्रदेश की मंत्री उषा ठाकुर को चुनाव आयोग का नोटिस, 48 घंटे के भीतर मांगा जवाब
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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश की मंत्री उषा ठाकुर को नोटिस जारी किया है। साथ ही आयोग ने उनसे नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। बता दें कि उषा ठाकुर ने 20 अक्तूबर को इंदौर के एक कार्यक्रम में कहा था 'धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता पनपा रही है।'
Election Commission issues notice to Madhya Pradesh Minister Usha Thakur to explain within 48 hours of receipt of notice, her alleged statement "...dharm adharit shiksha kattarta panpa rahi hai..." made on 20th October at an event in Indore.
— ANI (@ANI) October 30, 2020विज्ञापन
कैलाश विजयवर्गीय और सज्जन सिंह को भी मिला था नोटिस
मध्यप्रदेश में उपचुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर राजनीतिक पार्टियां चुनावी रैली कर रहे हैं। इस दौरान पार्टी नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी लगातार जारी है। कई बार नेता मर्यादा लांघने वाले बयान भी दे रहे हैं। इसी को लेकर चुनाव आयोग ने ठाकुर को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि इससे पहले आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस पार्टी के सज्जन सिंह वर्मा को नोटिस जारी किया था। आयोग ने सज्जन सिंह वर्मा को यह नोटिस 15 अक्तूबर को इंदौर के सांवेर में रैली के दौरान विजयवर्गीय पर उनकी टिप्पणी पर जारी किया था। वहीं विजयवर्गीय को 14 अक्तूबर को सांवेर में ही एक रैली के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर अभद्र टिप्पणी को लेकर जारी किया गया था।
चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक, सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय को 'रावण' कह कर संबोधित किया था। उन्होंने रैली के दौरान कहा था, 'दशहरा जैसे-जैसे पास आता है उसका चेहरा रावण जैसा हो जाता है...।' वहीं, विजयवर्गीय ने अपनी रैली के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को 'चुन्नू-मुन्नू' कह कर संबोधित किया था।
चुनाव आयोग ने कमलनाथ से छीना स्टार प्रचारक का दर्जा
भारतीय चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया है। आयोग ने यह फैसला कमलनाथ द्वारा आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के चलते लिया। वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अदालत का रुख करने का फैसला किया है। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि पार्टी चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अदालत जाएगी।
पहली बार 28 विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव
बता दें कि राज्य के इतिहास में पहली बार 28 विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव होने जा रहे हैं। तीन नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव से यह तय होगा कि प्रदेश की सत्ता में सत्तारूढ़ भाजपा रहेगी या विपक्षी कांग्रेस। मतगणना 10 नवंबर को होगी।
