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कोरोना का असर : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शुरू हुई वर्चुअल सुनवाई, कोरोना संक्रमण को देखते हुए चीफ जस्टिस ने जारी किया था आदेश
Mon, 10 Jan 2022 06:34 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 10 Jan 2022 06:34 PM IST
सार
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ और तहसील में काम करने वाले अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचाने के लिए आज से हाईकोर्ट में वर्चुअल मोड में सुनवाई शुरू की गई है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार से वर्चुअल मोड में सुनवाई शुरू हो गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चीफ जस्टिस आर वी मलिमथ ने वर्चुअल मोड में सुनवाई का निर्णय लिया था। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की मुख्यपीठ सहित ग्वालियर और इंदौर खंडपीठ में भी वर्चुअल सुनवाई प्रारंभ की गयी है। कोरोना संक्रमण के चलते हाईकोर्ट की विशेष कमेटी ने इस संबंध में एसओपी जारी की थी। यह प्रक्रिया आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। वर्चुअल मोड के जरिए सुनवाई के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की वेबसाइड लिंक के माध्यम से अधिवक्ता व संबंधित पक्षकार न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं।
वर्चुअल मोड में शासकीय अधिवक्ताओं की उपस्थित सुनिश्चित करने महाधिवक्ता कार्यालय को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं प्रकरण संबंधित दस्तावेज के ड्रॉप बॉक्स में डालने की व्यवस्था की गयी है। नयी याचिका ई-फायलिंग या ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है। इसके साथ ही आवश्यक लंबित प्रकरण की सुनवाई के लिए अधिवक्ता आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिवक्ताओं से अति आवश्यक प्रकरण की सुनवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है। वहीं याचिका में हुई त्रुटि दूर करने लिए निर्धारित केन्द्र में अधिवक्ताओं को व्यक्तिगत उपस्थिति की छूट दी गयी है। आदेश की प्रति व दस्तावेज सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से प्रदान किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए बार एसोसिएशन के कार्यालय और कैंटीन को बंद कर दिया गया है। न्यायालय परिसर में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। न्यायालाय में जिन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं,उन्हे आईडी व आदेश की प्रति के साथ उपस्थिति की छूट दी गई है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्टेट बार कौंसिल ने पत्र लिखकर चीफ जस्टिस आर वी मलिमथ से वर्चुअल मोड में सुनवाई का निवेदन किया था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस ने 10 जनवरी से हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई का फैसला किया था।
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वर्चुअल मोड में शासकीय अधिवक्ताओं की उपस्थित सुनिश्चित करने महाधिवक्ता कार्यालय को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं प्रकरण संबंधित दस्तावेज के ड्रॉप बॉक्स में डालने की व्यवस्था की गयी है। नयी याचिका ई-फायलिंग या ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है। इसके साथ ही आवश्यक लंबित प्रकरण की सुनवाई के लिए अधिवक्ता आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिवक्ताओं से अति आवश्यक प्रकरण की सुनवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है। वहीं याचिका में हुई त्रुटि दूर करने लिए निर्धारित केन्द्र में अधिवक्ताओं को व्यक्तिगत उपस्थिति की छूट दी गयी है। आदेश की प्रति व दस्तावेज सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से प्रदान किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए बार एसोसिएशन के कार्यालय और कैंटीन को बंद कर दिया गया है। न्यायालय परिसर में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। न्यायालाय में जिन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं,उन्हे आईडी व आदेश की प्रति के साथ उपस्थिति की छूट दी गई है।
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बता दें कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्टेट बार कौंसिल ने पत्र लिखकर चीफ जस्टिस आर वी मलिमथ से वर्चुअल मोड में सुनवाई का निवेदन किया था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस ने 10 जनवरी से हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई का फैसला किया था।
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