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Dussehra 2022: LED लाइट से सजा छिंदवाड़ा का दशहरा मैदान, गोधूलि बेला में 51 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
Wed, 05 Oct 2022 10:59 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 05 Oct 2022 10:59 AM IST
सार
देशभर में आज (बुधवार) दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। छिंदवाड़ा का दशहरा मैदान में विजयादशमी के मौके पर खास सजावट की गई है। शाम को 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा।
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छिंदवाड़ा में 51 फीट के रावण का होगा दहन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छिंदवाड़ा का दशहरा मैदान विजयादशमी पर्व के लिए एलईडी लाइट से सज चुका हैं। आज (बुधवार) शाम करीब 6:30 बजे 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का रंग बिरंगी आतिशबाजी के साथ दहन किया जाएगा। एलईडी लाइट से रोशन रावण शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। समिति के सदस्यों ने बताया कि गोधुलि बेला में रावण दहन होगा। इसके बाद रंग बिरंगी आतिशबाजी से आसमान रोशन होगा।
बदला गया विजय जुलूस का मार्ग
मंडल के संरक्षक राजू चरणागर ने बताया कि इस बार विजय जुलूस का मार्ग बदला गया है। रावण दहन के बाद जुलूस दशहरा मैदान से कोतवाली थाना, फव्वारा चौक, गोलगंज से मेन रोड होते हुए छोटी बाजार पहुंचेगा। यहां रात 9 बजे अहिरावण वध, रावण वध एवं राम राज्य तिलक होगा।
आदिवासी करेंग रावण और मेघदूत का पूजन
क्षेत्र में राम और रावण को पूजने वाली दो विचारधारा के लोगों में अपनी धार्मिक मान्यताओं को लेकर कभी टकराव नहीं हुआ है। दशहरा पर हिन्दू जहां लंकापति पर श्रीराम की जीत का उत्सव मनाते हैं, वहीं, आदिवासी समुदाय द्वारा अपने ईष्ट रावण और मेघनाद का पूजन भी उतनी ही आस्था से करते हैं।
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बदला गया विजय जुलूस का मार्ग
मंडल के संरक्षक राजू चरणागर ने बताया कि इस बार विजय जुलूस का मार्ग बदला गया है। रावण दहन के बाद जुलूस दशहरा मैदान से कोतवाली थाना, फव्वारा चौक, गोलगंज से मेन रोड होते हुए छोटी बाजार पहुंचेगा। यहां रात 9 बजे अहिरावण वध, रावण वध एवं राम राज्य तिलक होगा।
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आदिवासी करेंग रावण और मेघदूत का पूजन
क्षेत्र में राम और रावण को पूजने वाली दो विचारधारा के लोगों में अपनी धार्मिक मान्यताओं को लेकर कभी टकराव नहीं हुआ है। दशहरा पर हिन्दू जहां लंकापति पर श्रीराम की जीत का उत्सव मनाते हैं, वहीं, आदिवासी समुदाय द्वारा अपने ईष्ट रावण और मेघनाद का पूजन भी उतनी ही आस्था से करते हैं।
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