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छतरपुर में लापरवाही की इंतहा: जिला अस्पताल में नसबंदी कराने आई महिलाओं को बेहोश कर पेशी पर चलीं गई डॉक्टर

Wed, 09 Mar 2022 11:51 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 09 Mar 2022 11:51 AM IST
सार

छतरपुर जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की मामला सामने आया है, यहां नसबंदी कराने आई करीब 10 महिलाओं को डॉ. बेहोशी का इंजेक्शन लगा अस्पताल से चली गई।

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Doctor went to appear in court after making women unconscious in Chhatarpur district hospital for sterilization
छतरपुर जिला अस्पताल में लापरवाही उजागर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छतरपुर जिला अस्पताल में महिलाओं के LTT ऑपरेशन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर करीब 10 महिलाएं अस्पताल में ऑपरेशन कराने पहुंची थी, इस दौरान ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर हॉस्पिटल के बाहर चली गई। बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के चलते महिलाएं करीब 2 घंटे तक अस्पताल में ही बेहोश पड़ी रही। वहीं, उन्हें ऑपरेशन से पहले कोविड रिपोर्ट के लिए भी इंतजार कराया गया। 
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जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल छतरपुर में 10 महिलाएं परिवार नियोजन ऑपरेशन कराने आई थीं, अस्पताल में पदस्थ डॉ. संजना रॉबिन्सन महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगा कर अदालत में पेशी के लिए चली गईं, क्योंकि ऑपरेशन से पहले महिलाओं की कोविड टेस्ट रिपोर्ट चाहिए थी, जिसे आने में समय था। 
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घंटों बीत जाने के बाद भी जब ऑपरेशन नहीं किए गए तो महिलाओं ने साथ आईं आशा कार्यकर्ता और परिजनों को इसकी जानकारी दी। कुछ देर बाद महिला चिकित्सक अदालत से अस्पताल पहुंची, तब तक कोविड रिपोर्ट आ चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन किया। 
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मऊसहानियां से जिला अस्पताल पहुंची आशा कार्यकर्ता रजनी अरजरिया ने बताया कि वे अपने साथ एक महिला को लेकर नसबंदी ऑपरेशन के लिए सुबह 8 बजे अस्पताल आ गई थीं। यहां बताया गया कि मैडम को तीन बजे ऑपरेशन के लिए आना है। डॉ. संजना रॉबिन्सन अस्पताल आयीं तो महिलाओं के ऑपरेशन पूर्व होने वाले टेस्ट के लिए सेम्पल लिए गए। इतनी देर में महिलाओं को बेहोश करने वाले इंजेक्शन लगा दिए गए। इसके बाद पता चला कि कोविड की जांच रिपोर्ट आने में समय लगेगा, इसलिए मैडम अस्पताल से चली गईं। 

ग्राम सतना से आई पार्वती ने बताया कि बेहोशी के इंजेक्शन लगाने के कारण तीन-चार महिलाएं दो-तीन घंटे तक बेहोश पड़ी रहीं। वहीं, जब हम लोगों ने स्टाफ से कारण पूछा तो कहा गया कि कोविड रिपोर्ट के बाद ही ऑपरेशन होगा। इस तरह से पूनम कुशवाहा, ऊषा कुशवाहा, किरन सिंह देरी, ललिता अहिरवार पठारी, पार्वती कुशवाहा सतना जैसी कई महिलाओं को तीन घंटे तक परेशान होना पड़ा।


जिला अस्पताल पहुंची डॉ. संजना रॉबिन्सन ने मीडिया को बताया कि वे अदालत में एक आवश्यक पेशी के लिए गई थीं। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं के बारी-बारी से ऑपरेशन किए गए  हैं। वहीं, डॉक्टर की इस लापरवाही को लेकर महिलायों और उनके परिजनों में नाराजगी है। मामले पर CMHO डॉ. विजय पथोरिया का कहना है कि अगर ऐसा हुआ है तो जांच के बाद दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की जाएगी।
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