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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   DNA test reunites 14-month-old child with parents in Satna

MP News : DNA जांच ने 14 माह के बच्चे को मां-बाप से मिलाया,  बिलख उठी मां, 2021 में झाड़ियों में फेंक दिया था

Wed, 25 Jan 2023 05:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 25 Jan 2023 05:53 PM IST
सार

12 नवंबर 2021 को इस नवजात को पुलिस ने लावारिस पाकर सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया और फिर इसकी सूचना चाइल्डलाइन को दी थी। इस घटना के दूसरे दिन ही एक लड़की और लड़का मैहर थाने पहुंचे और खुद को बच्चे का माता-पिता बताया था। 

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DNA test reunites 14-month-old child with parents in Satna
new born - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मप्र के सतना में डीएनए जांच से 14 माह के बच्चे की घर वापसी कराई गई। बच्चे को गोद में पाते ही मां जहां फफक पड़ी तो वहीं, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष राधा मिश्रा की आंखें भी नम हो गईं। मैहर के जीतनगर में पुलिस को 2021 को झाड़ियों में यह नवजात लावारिस हालत में मिला था। नवजात को उसके इन्हीं माता-पिता ने झाड़ियों में फेंक दिया था। बाद में उनका हृदय परिवर्तन हो गया था।

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12 नवंबर 2021 को इस नवजात को पुलिस ने लावारिस पाकर सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया और फिर इसकी सूचना चाइल्डलाइन को दी थी। इस घटना के दूसरे दिन ही एक लड़की और लड़का मैहर थाने पहुंचे और खुद को बच्चे का माता-पिता बताया था। 
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छह माह की सजा सुनाई थी
पुलिस ने बच्चे को सीधा उन्हें देने से इनकार कर दिया। उल्टा नवजात को झाड़ियों में फेंकने के जुर्म में पुलिस ने लड़का-लड़की के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया था। बाद में कोर्ट ने दोनों को छह माह की सजा सुनाई थी। इसके बाद जिला बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद बच्चे को मातृछाया भेज दिया गया। 
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मां पहुंची बाल कल्याण समिति के पास
सजा होने से पहले बच्चे की कथित मां जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष राधा मिश्रा के पास पहुंचकर बच्चा वापस लेने की इच्छा जाहिर की। बाल कल्याण समिति ने प्रथम सत्र न्यायाधीश की कोर्ट को पत्र लिखकर मां-बाप की सजा कम करने का आग्रह किया और साथ में यह भी गुजारिश की कि डीएनए टेस्ट के जरिये मां-बाप होने की पुष्टि करने का आदेश दिया जाए। 


कोर्ट ने दिए डीएनए टेस्ट के आदेश
लिहाजा कोर्ट ने पुलिस को बच्चा समेत मां-बाप का डीएनए टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए। बाल कल्याण समिति की सिफारिश पर मां-बाप की सजा भी कम कर दी गई। जेल से छूटने के बाद पूजा मौर्य और पुष्पेंद्र ने आपस में शादी की और एक लंबी प्रक्रिया के बाद बच्चे को आज दोनों सुपुर्द किया गया।

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