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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Digvijaya Singh wrote letter to PM Modi, asking Did you forgive Akash Vijayvargiya and Pragya

दिग्विजय ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, पूछा- क्या 'बल्लामार' आकाश और प्रज्ञा को माफ कर दिया

Thu, 18 Jul 2019 09:06 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 18 Jul 2019 09:06 AM IST
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Digvijaya Singh wrote letter to PM Modi, asking Did you forgive Akash Vijayvargiya and Pragya
पीएम नरेंद्र मोदी-दिग्विजय सिंह - फोटो : Amar Ujala
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे हैं। पत्र में मध्यप्रदेश के भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय, साध्वी प्रज्ञा, विश्वास सारंग, प्रहलाद पटेल और जालम सिंह पटेल से जुड़े सवाल हैं। 
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उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि क्या आपने साध्वी प्रज्ञा को माफ कर दिया है? उन्होंने आगे लिखा कि मैं यह देखना चाहूंगा कि आपके द्वारा कही गई बात का वास्तव में असर होता है या यह चिंता सिर्फ हाथी के बाहरी दांत की तरह है। ज्ञात हो कि भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने पर पीएम मोदी ने नाराजगी जताई थी।
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इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि नरोत्तम मिश्रा ने खुलकर बोला कि कम उम्र में गलती हो जाती है। क्या वे इन पर कार्रवाई करेंगे?

उन्होंने पूछा कि इंदौर से विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए दिन-रात एक करने वाले विश्वास सारंग के ऊपर क्या कार्रवाई करेंगे? वे अदालत में सुनवाई के दौरान भी मौजूद थे।

पीएम मोदी ने जताई थी नाराजगी

2 जुलाई को भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय के निगम कर्मचारी को बल्ले से मारने वाली घटना पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए। दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के भी बेटे हों, लेकिन उन्हें मनमानी की इजाजत नहीं दी जा सकती।

यह था मामला

26 जून को इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी। अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
 
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