फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dhar News ›   No specialists in the ICU; lives of critical patients hinge on referrals

एमपी: धार जिला अस्पताल की आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, गंभीर मरीजों को कहां करना पड़ रहा रेफर; जानें

Thu, 08 Oct 2026 04:42 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Thu, 08 Oct 2026 04:42 PM IST
सार

धार जिला अस्पताल की 12 बेड की आईसीयू विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। क्रिटिकल केयर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता नहीं है। हर साल करीब एक हजार गंभीर मरीजों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया जाता है।

विज्ञापन
No specialists in the ICU; lives of critical patients hinge on referrals
हॉस्पिटल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आदिवासी अंचल के 25 लाख से अधिक आबादी वाले धार जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) गंभीर मरीजों के लिए अपेक्षित जीवनरक्षक सुविधा साबित नहीं हो पा रही है। आईसीयू में क्रिटिकल केयर सहित विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण दुर्घटना और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को इनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

विज्ञापन

जिला अस्पताल में फिलहाल 12 बेड की आईसीयू यूनिट संचालित है। इसके संचालन की जिम्मेदारी तीन एमडी मेडिसिन डॉक्टरों के भरोसे है। डॉक्टरों की ड्यूटी 10-10 दिन के शेड्यूल में लगाई जाती है। नियमित समय में सुबह 7 से दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। इसके बाद गंभीर स्थिति में डॉक्टरों को ऑन कॉल बुलाया जाता है।

विज्ञापन

मशीनें मौजूद, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
आईसीयू में गंभीर मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। लेकिन ड्यूटी समय के बाद यूनिट में डॉक्टर की सीधी मौजूदगी नहीं रहती। आपात स्थिति में ऑन-कॉल डॉक्टर को घर या क्वार्टर से अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इसमें करीब 10 से 15 मिनट तक का समय लग सकता है। गंभीर मरीज के मामले में यह देरी जोखिम बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल में टीएमटी और इको जैसी हृदय संबंधी जांच की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता नहीं है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन विशेषज्ञ भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों के उपचार, वेंटिलेटर प्रबंधन और जटिल मामलों में निर्णय लेने की जिम्मेदारी उपलब्ध चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ पर निर्भर रहती है।


पढ़ें: इंडिगो 24 अक्तूबर से बंद करेगी जबलपुर-इंदौर फ्लाइट, चैंबर ने जताई चिंता; जानें क्यों लिया गया फैसला

12 बेड से आगे नहीं बढ़ रही व्यवस्था
आंकड़ों के अनुसार, जिला अस्पताल से हर वर्ष करीब एक हजार मरीज इंदौर रेफर किए जाते हैं। औसतन हर माह 90 से अधिक मरीज रेफर हो रहे हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत मरीज दुर्घटना या अन्य गंभीर घटनाओं से प्रभावित होते हैं। हृदय, न्यूरो और नेफ्रो संबंधी गंभीर मरीजों को भी उच्च उपचार के लिए इंदौर भेजना पड़ता है।

25 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए आईसीयू में बेड बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन वर्तमान में 12 बेड की क्षमता के साथ ही यूनिट संचालित कर रहा है। ऐसे में सवाल है कि जब मौजूदा बेड पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, तो क्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों की निगरानी और उपचार व्यवस्था कैसे मजबूत होगी।

आईसीयू में ये प्रमुख कमियां

  • क्रिटिकल केयर मेडिसिन विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं।
  • न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट की नियमित उपलब्धता नहीं।
  • नर्सिंग स्टाफ को आईसीयू का विशेष प्रशिक्षण नहीं।
  • मरीजों की संख्या के अनुपात में नर्सिंग स्टाफ कम।
  • प्रत्येक बेड पर एक नर्स की व्यवस्था का पालन नहीं।
  • 24 घंटे डॉक्टर की सीधी मौजूदगी नहीं।

इनका कहना है
जिला अस्पताल की आईसीयू यूनिट बेहतर तरीके से संचालित हो रही है। यूनिट के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। अस्पताल में दो ए-क्लास एमडी मेडिसिन डॉक्टरों की पोस्टिंग हुई है और पहले से भी एमडी डॉक्टर उपलब्ध हैं। अस्पताल को विषय विशेषज्ञों की आवश्यकता है। विशेषज्ञों की पोस्टिंग वरिष्ठ कार्यालय के स्तर का विषय है।

डॉ. मुकुंद बर्मन, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed