Dhar News: साइबर शाखा का पुलिस अधिकारी बन ठगे एक लाख, 24 घण्टे में साइबर ठगी के तीन मामले दर्ज
Dhar News: धार शहर में सायबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने तीन अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि की है। पहली घटना में ऑनलाइन दवा के नाम पर 1,45,000 रुपए की ठगी हुई। दूसरी में गेम खेलने के लालच में 1,73,000 रुपए फंसे। तीसरी में पुलिस अधिकारी बनकर धमकाकर 1,00,000 रुपए की ठगी की गई।
विस्तार
धार शहर में सायबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग अब नई-नई तरकीबों से लोगों को डिजिटल माध्यम से ठग रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने हाल ही में तीन अलग-अलग मामलों में प्रकरण दर्ज किए हैं। ठगों ने किसी को सस्ती दवा के नाम पर, किसी को गेम खेलने के लालच में और किसी को पुलिस अधिकारी बनकर धमकाकर ठगने की कोशिश की। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने विवेचना के लिए टीम गठित की है।
पहला प्रकरण- मेडिसीन के नाम पर ठगी
श्रीनगर कॉलोनी निवासी अनस पुत्र परवेज कुरैशी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने पिता के लिए एलीट न्यूट्रिशन मेडिसीन ऑनलाइन ऑर्डर किया था। पिता के मोबाइल पर संदेश आया कि ऑर्डर भारतीय डॉक के माध्यम से 3-4 दिन में डिलीवर हो जाएगा। 08 जनवरी को पिता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई और कहा गया कि डिलीवरी का पता सही नहीं है। कॉल करने वाले ने अनस को लिंक भेजा और उसे क्लिक करने को कहा। अनस ने बताए अनुसार लिंक क्लिक किया, जिससे उनके पिता का मोबाइल स्क्रीन शेयर के माध्यम से ठगों के पास चला गया। इसके बाद करीब 5 मिनट में पिता के दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,45,000 रुपए की ठगी हुई।
दूसरा प्रकरण-गेम के नाम पर लालच
छोटा आश्रम निवासी किसान सचिन पुत्र लक्ष्मीनारायण मंडलोई ने बताया कि उन्हें टेलीग्राम एप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि आप प्रतिदिन 2,700 रुपये से 6,000 रुपये तक कमा सकते हैं। सचिन ने मैसेज खोलकर एक जीरो बैलेंस खाता बनाया और एप पर गेम खेलना शुरू किया। दो दिन में ही उन्हें 17 हजार रुपए का भुगतान मिला। इसके बाद गेम खेलने के लिए एक और मैसेज आया, जिसमें डेढ़ लाख रुपए का लाभ पाने का लालच दिया गया। गेम के 28 लेवल पूरे होने से पहले ही अज्ञात व्यक्ति ने अलग-अलग बैंक खातों में 1,73,000 रुपए ट्रांसफर करा दिए।
तीसरा प्रकरण-पुलिस अधिकारी बनकर धमकाया
सीहोर निवासी राजकुमार पुत्र कुमेरसिंह ठाकुर ने पुलिस को बताया कि 27 दिसंबर 2025 को उन्हें मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को भोपाल साइबर शाखा का पुलिस अधिकारी बताया और एंड्रॉयड मोबाइल से अनधिकृत साइट का उपयोग करने के नाम पर धमकाया। इसके बाद केस खत्म करने के लिए आरोपी ने राजकुमार के खाते में 1,00,000 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बाद में उन्हें पता चला कि यह ठगी थी और आरोपी ने पुलिस का ढोंग रचा था।
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पुलिस ने लोगों से की अपील
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ितों ने साइबर शाखा भोपाल से संपर्क किया। जिसके बाद मामले की जांच की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने विवेचना के लिए विशेष टीम गठित की है। वहीं, थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक को न खोलें और अपने OTP या बैंक विवरण किसी को न दें।
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