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मध्य प्रदेश: डही में जुआ-सट्टे पर सियासत गरम, कांग्रेस विधायक ने डीजीपी से की शिकायत; पुलिस पर भी उठाए सवाल
Fri, 04 Sep 2026 05:27 PM IST
धार ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 05:27 PM IST
सार
Madhya Pradesh News: धार के डही क्षेत्र में कथित जुआ-सट्टे के कारोबार को लेकर कांग्रेस विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल ने डीजीपी को शिकायत भेजी है। उन्होंने वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक करते हुए स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और थाना प्रभारी की भूमिका की जांच की मांग की है।
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विधायक ने डीजीपी को लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के डही में कथित अवैध जुआ-सट्टे के कारोबार को लेकर अब सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल ने सीधे पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर डही थाना क्षेत्र में चल रहे कथित जुआ-सट्टे के कारोबार पर सवाल खड़े किए हैं। बघेल ने शिकायत के साथ वीडियो साक्ष्य भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।
मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इधर, इस मामले में डही थाना प्रभारी दिलीप तडंवला से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया।
‘कार्रवाई नहीं तो संरक्षण किसका?’
पूर्व मंत्री बघेल का आरोप है कि डही के बकरा बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम जुआ और सट्टा संचालित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवारों पर पड़ रहा है। मेहनत की कमाई जुए-सट्टे में गंवाने से कई परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
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बघेल ने अपने पत्र में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों के पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है तो इसके पीछे पुलिस की उदासीनता है या कथित संरक्षण, इसकी जांच होना जरूरी है। सबसे गंभीर सवाल उन्होंने डही थाना प्रभारी दिलीप तडंवला की भूमिका को लेकर उठाया है। विधायक ने मांग की है कि थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर यह तय किया जाए कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही क्यों हुई।
विशेष जांच दल गठित करने की मांग
पूर्व मंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। साथ ही अवैध जुआ-सट्टे के मुख्य संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की मांग रखी है।
15 दिन में मांगा कार्रवाई का पूरा हिसाब
बघेल ने पुलिस विभाग से यह भी मांग की है कि डही थाना क्षेत्र में अवैध जुआ-सट्टे के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा विवरण 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए। अब नजर इस बात पर है कि डीजीपी कार्यालय में दी गई शिकायत पर पुलिस महकमा क्या कार्रवाई करता है और स्थानीय पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंचती है।
यह भी पढ़ें: दुनिया का सबसे महंगा शृंगार, 120 करोड़ के आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण; गोपाल मंदिर में दिखा राजसी वैभव
जुआ-सट्टा बना राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र
डही का जुआ-सट्टा अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गया है। विधायक द्वारा डीजीपी को शिकायत और वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवालों ने मामले को और तूल दे दिया है।
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मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इधर, इस मामले में डही थाना प्रभारी दिलीप तडंवला से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया।
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‘कार्रवाई नहीं तो संरक्षण किसका?’
पूर्व मंत्री बघेल का आरोप है कि डही के बकरा बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम जुआ और सट्टा संचालित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवारों पर पड़ रहा है। मेहनत की कमाई जुए-सट्टे में गंवाने से कई परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
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बघेल ने अपने पत्र में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों के पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है तो इसके पीछे पुलिस की उदासीनता है या कथित संरक्षण, इसकी जांच होना जरूरी है। सबसे गंभीर सवाल उन्होंने डही थाना प्रभारी दिलीप तडंवला की भूमिका को लेकर उठाया है। विधायक ने मांग की है कि थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर यह तय किया जाए कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही क्यों हुई।
विशेष जांच दल गठित करने की मांग
पूर्व मंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। साथ ही अवैध जुआ-सट्टे के मुख्य संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की मांग रखी है।
15 दिन में मांगा कार्रवाई का पूरा हिसाब
बघेल ने पुलिस विभाग से यह भी मांग की है कि डही थाना क्षेत्र में अवैध जुआ-सट्टे के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा विवरण 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए। अब नजर इस बात पर है कि डीजीपी कार्यालय में दी गई शिकायत पर पुलिस महकमा क्या कार्रवाई करता है और स्थानीय पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंचती है।
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जुआ-सट्टा बना राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र
डही का जुआ-सट्टा अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गया है। विधायक द्वारा डीजीपी को शिकायत और वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवालों ने मामले को और तूल दे दिया है।
