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Labour Protest: अब एमपी में फूटा श्रमिकों का गुस्सा, महू-नीमच हाईवे कर दिया जाम; वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े

Mon, 13 Apr 2026 07:46 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Mon, 13 Apr 2026 07:46 PM IST
सार

दिल्ली एनसीआर में आज वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के बाद अब इसकी आग एमपी तक जा पहुंची। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। 

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A three-kilometer-long traffic jam occurred on the Mhow-Neemuch highway.
विरोध करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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औद्योगिक नगरी पीथमपुर में स्थित मदरसन कंपनी यूनिट-2 के कर्मचारियों ने सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन किया। शुरुआत में कर्मचारी कंपनी के बाहर धरने पर बैठे, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने महू-नीमच नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

चक्काजाम के कारण हाईवे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों ने समझाइश दी, लेकिन कर्मचारी केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर लंबी वाहन कतारें लग गईं। ट्रक, बसें और निजी वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी ने बताया कि कुछ महीने पहले सरकार ने वेतन बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कंपनी ने अब तक इसे लागू नहीं किया। अन्य कंपनियों में वेतन बढ़ चुका है। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने की मांग रखी है।

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कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन में बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। यूनिट में करीब 2000 कर्मचारी कार्यरत हैं। आरोप है कि कंपनी में केवल 5–10 मिनट का चाय ब्रेक मिलता है और देरी होने पर वेतन काट लिया जाता है। साथ ही गेट पास की प्रक्रिया और 8 घंटे की शिफ्ट में काम का दबाव भी अधिक है।

हाईवे जाम की सूचना पर कार्यपालन मजिस्ट्रेट राहुल गायकवाड़ मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि सड़क खाली नहीं की गई तो बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है, लेकिन कर्मचारी इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और तत्काल समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।

क्या बोले अधिकारी?
तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव ने चर्चा में बताया कि पीथमपुर में स्थित मदरसन कंपनी के बाहर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे, कुछ देर बाद ही कर्मचारी हाईवे पर पहुंचे व जाम लगा दिया। कर्मचारियों को समझाइश दी गई तथा लिखित में कंपनी को आवेदन देने की बात कही हैं। कंपनी अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। सीएसपी रवि सोने के अनुसार मदरसन कंपनी के कर्मचारियों ने चक्काजाम किया था। समझाइश के बाद जाम खुल गया हैं, साथ ही यातायात पुन सुचारु रुप से शुरू कर दिया गया है।

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