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मध्यप्रदेश: एक गांव में दो तेंदुओं के मिले शव, अधिकारियों ने जताई आशंका- करंट लगने से हुई मौत

Mon, 14 Jun 2021 04:28 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: प्रियंका तिवारी Updated Mon, 14 Jun 2021 04:28 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के एक गांव में दो मृत तेंदुए पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि इन तेंदुओं की मौत करंट लगने के कारण हुई होगी। इस मामले में दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

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Dead bodies of two leopards found in a village in Balaghat district of Madhya Pradesh Doubt of electrocution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में सबसे ज्यादा अगर किसी राज्य में तेंदुए हैं तो वह राज्य है मध्य प्रदेश। हालांकि, राज्य में अक्सर ही तेंदुओं की मौत की खबरें सामने आती रहती हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के एक गांव में भी दो तेंदुओं के शव मिले हैं। अधिकारियों को संदेह है कि इनकी मौत विद्युत करंट से शिकार किए जाने से हुई होगी। मुख्य वन संरक्षक नरेंद्र सनोदिया ने सोमवार (14 जून) को बताया कि ग्रामीणों ने रविवार (13 जून) को हर्राभाट खुरमुंडी गांव में एक नर और एक मादा तेंदुए के शवों को देखा था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को इस बात की सूचना दी।

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दो लोगों से पूछताछ जारी
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के तारों पर कदम रखने के कारण इन तेदुओं की करंट लगने से मौत हुई होगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार दोनों तेदुओं के शव एक दूसरे से करीब छह मीटर की दूरी पर पड़े हुए थे।
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पोस्टमार्म रिपोर्ट का है इंतजार
इस मामले में बालाघाट के सीसीएफ एनके सनोडिया ने कहा, ‘रविवार को दो मृत तेंदुओं के शव होने की सूचना मिली थी। इस मामले में दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्म रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।’ उन्होंने आगे कहा कि परसवाड़ा क्षेत्र कान्हा नेशनल पार्क से भी लगा हुआ है। वहीं, क्षेत्र में सघन वन भी है। ऐसे में वन्य जीव जंगलों से बाहर आ जाते हैं और फिर उनका शिकार कर लिया जाता है। विभाग द्वारा वन्य जीवों के शिकार की पुनरावृत्ति न हो, इसका प्रयास किया जाएगा। साथ ही इस मामले में अगर विभाग के किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर में केंद्र सरकार द्वारा जारी ‘भारत में तेंदुओं की स्थिति-2018’ रिपोर्ट के अनुसार देश में मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 3,421 तेंदुए थे। इसके बाद कर्नाटक में 1,783 और फिर महाराष्ट्र में 1,690 तेंदुए थे।

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