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Damoh News: जागेश्वर धाम बांदकपुर में भव्य कॉरिडोर निर्माण के लिए कवायद शुरू, भोपाल से आई टीम ने किया निरीक्षण
Sun, 26 May 2024 07:54 PM IST
दमोह ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 07:54 PM IST
सार
मंदिर के आसपास अतिक्रमण है। पहले अतिक्रमण हटाने के लिए सीमांकन पुराना रिकॉर्ड से करना होगा। उसके बाद कॉरिडोर के लिए जगह फाइनल होगी।
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भगवान जागेश्वर नाथ का स्वयंभू शिवलिंग
विस्तार
दमोह जिले सहित समूचे बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर धाम बांदकपुर में उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर मंदिर में कॉरिडोर बनाने को लेकर तैयारियां चालू हो गई हैं। पहले चरण में डीपीआर तैयार होना है। उसके बाद डिजाइन और ड्राइंग फाइनल होगी।
समूचे जिले वासियों की सरकार से मांग थी कि तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में विख्यात जागेश्वर धाम बांदकपुर में भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाए, जिस पर सरकार ने काफी समय पहले अपनी सहमति दे दी थी।
जमीन का होगा सीमांकन
इससे पहले मंदिर ट्रस्ट की जमीन का सीमांकन होगा। उसके पहले मंदिर के मुख्य गेट को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पा रही। वर्तमान में मंदिर की दक्षिण दिशा का गेट ही मुख्य गेट है, लेकिन इसके सामने अतिक्रमण है। ऐसे में अधिकारी नया गेट मंदिर की उत्तर दिशा में बनाने को लेकर प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि ट्रस्ट के पदाधिकारी मंदिर में तीनों दिशा से गेट बनवाना चाहते हैं। ऐसे में अभी बैठकों का दौर जारी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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मुख्य गेट से ही आते हैं श्रद्धालु
वर्तमान में मंदिर के दक्षिण में स्थित हाथी गेट ही मुख्य गेट है। इसी से श्रद्धालु आना-जाना करते हैं। महाशिवरात्रि और अन्य तयोहरों पर भीड़ बढ़ने पर मंदिर के पश्चिम दिशा वाला गेट भी खोल दिया जाता है। ऐसे में दोनों गेटों की सुविधा श्रद्धालुओं को मिल जाती है।
इसके बाद उत्तर दिशा और पूर्व दिशा ही बाकी रह जाती है। चूंकि पूर्व दिशा में माता पार्वती का मंदिर है। वहां पर गेट की कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए उत्तर दिशा में मुख्य गेट बनाने को लेकर जोर दिया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि कॉरिडोर में तीनों गेट रखे जाएंगे। ऐसी चर्चा है। जो डिजाइन और ड्राइंग तैयार हो रही है। वह अभी फाइनल नहीं है। कई दौर की बैठकें होने के बाद फाइनल होगा।
मंदिर के पीछे मुख्य गेट बनाने पर भी विचार
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया भोपाल से अधिकारियों की टीम बांदकपुर का निरीक्षण करके गई है। पदाधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है। अभी प्रारंभिक स्थिति में प्लान है। वर्तमान में जो गेट है वहां पर ज्यादा कुछ संभावना नहीं है। इसलिए मंदिर के पीछे (उत्तर दिशा) मुख्य गेट बनाने पर विचार चल रहा है। हालांकि अभी कई मुद्दों पर चर्चा होना बाकी है।
मंदिर के पास है 62 एकड़ जमीन
कॉरिडोर बनाने से पहले भोपाल से आए अधिकारियों ने मंदिर ट्रस्ट की जमीन का लेखा-जोखा देखा है। वर्तमान में मंदिर की 62 एकड़ जमीन है। इसमें से 52 एकड़ जमीन पर खेती है और 10 से 11 एकड़ जमीन पर मंदिर बना है। मंदिर के आसपास अतिक्रमण है यहां तक कि मुख्य गेट के सामने भी अतिक्रमण है। पहले अतिक्रमण हटाने के लिए सीमांकन पुराना रिकॉर्ड से करना होगा। उसके बाद कॉरिडोर के लिए जगह फाइनल होगी।
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समूचे जिले वासियों की सरकार से मांग थी कि तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में विख्यात जागेश्वर धाम बांदकपुर में भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाए, जिस पर सरकार ने काफी समय पहले अपनी सहमति दे दी थी।
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जमीन का होगा सीमांकन
इससे पहले मंदिर ट्रस्ट की जमीन का सीमांकन होगा। उसके पहले मंदिर के मुख्य गेट को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पा रही। वर्तमान में मंदिर की दक्षिण दिशा का गेट ही मुख्य गेट है, लेकिन इसके सामने अतिक्रमण है। ऐसे में अधिकारी नया गेट मंदिर की उत्तर दिशा में बनाने को लेकर प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि ट्रस्ट के पदाधिकारी मंदिर में तीनों दिशा से गेट बनवाना चाहते हैं। ऐसे में अभी बैठकों का दौर जारी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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मुख्य गेट से ही आते हैं श्रद्धालु
वर्तमान में मंदिर के दक्षिण में स्थित हाथी गेट ही मुख्य गेट है। इसी से श्रद्धालु आना-जाना करते हैं। महाशिवरात्रि और अन्य तयोहरों पर भीड़ बढ़ने पर मंदिर के पश्चिम दिशा वाला गेट भी खोल दिया जाता है। ऐसे में दोनों गेटों की सुविधा श्रद्धालुओं को मिल जाती है।
इसके बाद उत्तर दिशा और पूर्व दिशा ही बाकी रह जाती है। चूंकि पूर्व दिशा में माता पार्वती का मंदिर है। वहां पर गेट की कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए उत्तर दिशा में मुख्य गेट बनाने को लेकर जोर दिया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि कॉरिडोर में तीनों गेट रखे जाएंगे। ऐसी चर्चा है। जो डिजाइन और ड्राइंग तैयार हो रही है। वह अभी फाइनल नहीं है। कई दौर की बैठकें होने के बाद फाइनल होगा।
मंदिर के पीछे मुख्य गेट बनाने पर भी विचार
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया भोपाल से अधिकारियों की टीम बांदकपुर का निरीक्षण करके गई है। पदाधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है। अभी प्रारंभिक स्थिति में प्लान है। वर्तमान में जो गेट है वहां पर ज्यादा कुछ संभावना नहीं है। इसलिए मंदिर के पीछे (उत्तर दिशा) मुख्य गेट बनाने पर विचार चल रहा है। हालांकि अभी कई मुद्दों पर चर्चा होना बाकी है।
मंदिर के पास है 62 एकड़ जमीन
कॉरिडोर बनाने से पहले भोपाल से आए अधिकारियों ने मंदिर ट्रस्ट की जमीन का लेखा-जोखा देखा है। वर्तमान में मंदिर की 62 एकड़ जमीन है। इसमें से 52 एकड़ जमीन पर खेती है और 10 से 11 एकड़ जमीन पर मंदिर बना है। मंदिर के आसपास अतिक्रमण है यहां तक कि मुख्य गेट के सामने भी अतिक्रमण है। पहले अतिक्रमण हटाने के लिए सीमांकन पुराना रिकॉर्ड से करना होगा। उसके बाद कॉरिडोर के लिए जगह फाइनल होगी।
