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MP: तीन हत्याकांड का हुआ पर्दाफाश, बछड़े पर कार चढ़ाने को लेकर हुआ था विवाद, आरोपी ने बदले में काटी थी गर्दन

Tue, 25 Jun 2024 11:19 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Tue, 25 Jun 2024 11:19 AM IST
सार

Damoh: दमोह जिले के सागर नाका चौकी क्षेत्र अंतर्गत हुए तीन हत्याकांड में बछड़े पर कार चढ़ने को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें तीन लोगों की हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी राजा विश्वकर्मा ने अपने रिश्तेदार होमगार्ड सैनिक रमेश विश्वकर्मा की तलवार से उसी तरह गर्दन काटी जिस तरह से रमेश ने राजा के गले में डली तोलिया को खींचकर गर्दन दबाई थी। 

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The dispute over a car running over a calf ended in three murders In Damoh
होमगार्ड सैनिक के शव के पास खड़े एसपी

विस्तार

दमोह जिले के सागर नाका चौकी क्षेत्र अंतर्गत हुए तीन हत्याकांड में बछड़े पर कार चढ़ने को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें तीन लोगों की हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी राजा विश्वकर्मा ने अपने रिश्तेदार होमगार्ड सैनिक रमेश विश्वकर्मा की तलवार से उसी तरह गर्दन काटी जिस तरह से रमेश ने राजा के गले में डली तोलिया को खींचकर गर्दन दबाई थी। 
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घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं। अभी तीन आरोपी इस हत्याकांड में बनाए गए हैं और आगे जांच के दौरान आरोपियों की संख्या भी बड़ सकती है। परिजन बिल्डर रोकी सूरेका पर राजा को हथियार सप्लाई करने के आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि राजा रोकी के यहां ड्राइवर था। हालांकि रोकी का कहना है उन्हें सुबह इस हत्याकांड के बारे में जानकारी लगी थी, उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।
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इस तरह शुरू हुआ था विवाद
होमगार्ड सैनिक रमेश विश्वकर्मा और राजा विश्वकर्मा के बीच विवाद एक महीने पहले शुरू हुआ था। 24 मई को बांसातारखेड़ा गांव में कार चालक राजा से रमेश का बछड़ा कुचल गया था, जिसके बाद रमेश और उसके बेटे व भतीजे ने राजा से मारपीट की थी। इस दौरान बिल्डर रोकी सुरेका भी साथ था और राजा को अस्पताल लेकर पहुंचने पर रोकी ने बताया था कि रमेश ने राजा के गले में डली तोलिया से गर्दन दबाने के प्रयास किया था। इसी विवाद का बदला 30 दिन बाद 24 जून को होमगार्ड जवान पिता-पुत्र और भतीजे की हत्या करके लिया। दो सगे भाई और चाचा ने मिलकर पहले होमगार्ड सैनिक रमेश के पुत्र और भतीजे पर 15 राउंड फायर करके हत्या की, उसके बाद रमेश के गले पर तलवार से 40 से अधिक वार किए। 
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गले का घाव देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने कितनी क्रूरता के साथ होमगार्ड जवान की हत्या की। आरोपियों ने पहले घात लगाकर बांसातारखेड़ा में मुख्य मार्ग पर कोचिंग पढ़ने दमोह जा रहे रमेश के बेटे उमेश (21) और भतीजे विकास विश्वकर्मा (21) को ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या की। फिर रमेश विश्वकर्मा (50) को तलाशने के लिए उसके घर पर पहुंचे। फायरिंग के दौरान परिजनों ने बताया कि वे राजेंद्र विश्वकर्मा के घर खेत में गए हैं तो आरोपी वहां पर भी तलवार, पिस्टल लेकर पहुंचे और रमेश की बेरहमी से हत्या कर दी।

यह है हत्या की वजह
तिहरे हत्याकांड में फिलहाल राजा विश्वकर्मा, सजल विश्वकर्मा और गोलू विश्वकर्मा का नाम सामने आया है और इन्हीं पर मामला दर्ज किया गया है। इसमें राजा विश्वकर्मा ड्राइवर है। वह 24 मई को रोकी के साथ कार से अपने गांव आया था। यहां पर उसकी कार से होमगार्ड जवान रमेश विश्वकर्मा की गाय का बछड़ा कुचल गया था। जिस पर रमेश, बेटा उमेश और भतीजे तीनों ने मिलकर राजा की पिटाई कर दी थी। यहां तक के उसके गले में पड़ी तौलिया से गला दबाने का प्रयास किया था। जिस पर उनके साथ मौजूद कार मालिक रॉकी सुरेका ने उसे बचाया था। जिसके बाद राजा ने तीनों के खिलाफ एफआईआर कराई थी, लेकिन राजा इसका बदला लेने की फिराक में था। जिस पर उसने 24 जून को अपने भाई सजल विश्वकर्मा और चाचा गोलू विश्वकर्मा के साथ मिलकर बदला लेने के लिए 
वारदात को अंजाम दिया।

इस तरह रची हत्याकांड की साजिश
राजा विश्वकर्मा पिता लखन ने सोमवार सुबह अपने रिश्तेदार राजेंद्र विश्वकर्मा के बड़े बेटे सौरव विश्वकर्मा को फोन लगाकर बताया कि आज वह उमेश और विकास को खत्म कर देगा। जिसकी जानकारी सौरव ने अपने पिता राजेंद्र और छोटे भाई मनु को दी। राजेंद्र का कहना है कि बेटे मनु ने डायल 100 को 7.41 बजे फोन लगाया, वहां से कोई जवाब नहीं आया। तीन बार डायल 100 को घंटी की गई, जबाव नहीं आया। राजेंद्र के कहने पर मनु तुरंत बाइक से रमेश को लेने के लिए उनके घर गांव में गया। जैसे ही वह रमेश को लेकर खेत पर पहुंचा। रमेश के घर पर फायरिंग की आवाजें आने लगीं। घर पर रमेश नहीं मिला तो आरोपी राजेंद्र के घर पहुंचे और यहां पर उन्होंने रमेश की हत्या कर दी। राजेंद्र विश्वकर्मा के खेत में बने घर पर रमेश की हत्या होने के बाद राजेंद्र और बेटा मनु दोनों सागर नाका चौकी पहुंचे। यहां पर उन्होंने पूरी वारदात पुलिस को बताई। राजेंद्र ने बताया कि उसकी आंखों के सामने राजा, सजल और गोलू ने रमेश की हत्या की है। उन्होंने पहले पिस्टल से गोली मारी, फिर मंदिर के सामने तलवार से हमला बोल दिया। गले में 40 से 42 वार किए।

पीड़ित और आरोपी का परिवार एक
मृतक रमेश, उमेश और विकास विश्वकर्मा आरोपी राजा और सजल दोनों सगे भाई हैं और चाचा गोलू विश्वकर्मा सभी एक ही कुनबा के हैं। रमेश विश्वकर्मा के छोटे भाई रवि विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी राजा, सजल के घर उनके आसपास हैं, लेकिन सभी सुबह से ताला डालकर घर से चले गए थे। यहां पर कोई नहीं था। वह समझ नहीं पाए कि इस तरह की वारदात यह करने वाले हैं।
होमगार्ड सैनिक रमेश के तीन बेटे थे। एक की पहले मौत हो गई थी। उमेश और प्रवीण बचा था। अब केवल प्रवीण बचा है। इसी तरह रवि के बेटे विकास की हत्या हो गई है। एक बेटा और दो बेटी बचीं हैं।


टीमें कर रही तलाश
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच में पुराना विवाद है। तीन लोगों की हत्या हुई है। इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए 5 टीमें बनाई गई हैं। फिलहाल अभी कोई सफलता नहीं मिली है।
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