MP Election: शिवराज के दमोह आगमन के पहले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने छोड़ी BJP; संगठन पर लगाए उपेक्षा के आरोप
Assembly Elections 2023: दमोह में कुर्मी समाज में अच्छा प्रभाव रखने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज के दौरे से पहले पार्टी छोड़ दी। उन्होंने पार्टी संगठन पर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार दोपहर को दमोह जिले की हटा और पथरिया विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने आ रहे हैं। लेकिन उसके पहले भाजपा को एक जोरदार झटका लगा है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण पटेल ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जिला भाजपा संगठन पर उपेक्षा के आप भी लगाए हैं। पटेल ने अपना इस्तीफा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भेजा है। उसमें उन्होंने पारिवारिक कारणों के चलते भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है। लेकिन मीडिया कर्मियों को जब उन्होंने इस्तीफा के बारे में बताया तो भाजपा संगठन पर उपेक्षा करने के आरोप लगाते हुए कुछ नेताओं के नाम भी गिना दिए जो हाल ही में भाजपा छोड़ चुके हैं।
बसपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते वीडियो हुआ था वायरल
यह इस्तीफा अचानक ही नहीं हुआ, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल बसपा प्रत्याशी का प्रचार करते दिखाई दे रहे थे। हटा विधानसभा से कांग्रेस के बागी भगवानदास चौधरी जो बसपा के टिकट पर हटा विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। मुहराई गांव में शिवचरण पटेल बीएसपी के समर्थन में प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे थे। जब यह वीडियो वायरल हुआ तो पटेल ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कहा था कि एक सामाजिक कार्यक्रम में वह मुहरई गांव गए थे। उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया तो वह क्या कर सकते हैं।
पटेल दमोह सांसद के हैं करीबी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल दमोह सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के करीबी माने जाते हैं। आज जब मुख्यमंत्री की दमोह जिले में दो सभाएं हैं। इसके पहले ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा अपने आप में भाजपा को एक झटका है, क्योंकि शिवचरण कुर्मी समाज के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा है कि वह इस्तीफा देने के बाद स्वतंत्र हैं। अभी उन्होंने किसी भी पार्टी में जाने की बात तो नहीं कही। लेकिन वह केवल यह कह रहे हैं कि अभी की स्थिति में वह स्वतंत्र हैं, आगे देखते हैं कि क्या होता है।
हत्या के मामले में चार साल से जेल में है बेटा
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल का बेटा इंद्रपाल पटेल कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में पिछले चार साल से जेल में बंद है। जेल में रहते ही उसने जनपद सदस्य का चुनाव लड़ा था और जेल में ही रहते हुए ही वह हटा जनपद का अध्यक्ष भी बना था। शिवचरण पटेल का प्रभाव कुर्मी समाज में काफी अधिक है। इसी प्रभाव के चलते पटेल ने अपने बेटे को जेल में रहते हुए भी जनपद का अध्यक्ष बना लिया था।
