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Damoh: सर्पदंश से मां की मौत का सदमा नहीं झेल पाई बेटी, अस्पताल में मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
Wed, 17 Jul 2024 08:44 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 08:44 AM IST
सार
सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव ने कहा कि बच्ची काफी कमजोर थी। उसका वजन भी काफी कम था, उसे पीलिया भी था। डॉक्टरों द्वारा उसे समुचित इलाज दिया गया। मैं खुद उसे देखने गया था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
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मृतका के बड़े पिता ने अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं मिलने का लगाया आरोप।
विस्तार
दमोह के गेसाबाद गांव में रहने वाली एक महिला की सांप के डसने से मौत हो गई। यह सदमा उसकी आठ वर्षीय बेटी नहीं झेल पाई। मां की मौत की खबर सुनते ही पेट दर्द होने की शिकायत बताते वह बेहोश हो गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार हटा ब्लाक के गैसाबाद गांव निवासी आठ वर्षीय प्राची अहिरवार को परिजन सोमवार रात 12 बजे पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उसे इलाज के लिए भर्ती किया गया, लेकिन दोपहर तक कोई भी डॉक्टर उसे देखने के लिए नहीं पहुंचा। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची के चाचा ने बताया ने बताया कि एक दिन पहले ही बच्ची की मां ज्योति अहिरवार को सांप ने डस लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अपनी मां की मौत की खबर सुनकर प्राची घबरा गई और उसे अचानक पेट दर्द होने लगा। जिसके बाद हम उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। लेकिन, सुबह से दोपहर तक कोई भी डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आया। इसी लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई। बच्चा वार्ड में मौजूद अन्य परिजन ने भी बताया कि उनके बच्चे को देखने सुबह से कोई भी डॉक्टर नहीं आया था।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव ने कहा कि बच्ची काफी कमजोर थी। उसका वजन भी काफी कम था, उसे पीलिया भी था। डॉक्टरों द्वारा उसे समुचित इलाज दिया गया। मैं खुद उसे देखने गया था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार हटा ब्लाक के गैसाबाद गांव निवासी आठ वर्षीय प्राची अहिरवार को परिजन सोमवार रात 12 बजे पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उसे इलाज के लिए भर्ती किया गया, लेकिन दोपहर तक कोई भी डॉक्टर उसे देखने के लिए नहीं पहुंचा। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची के चाचा ने बताया ने बताया कि एक दिन पहले ही बच्ची की मां ज्योति अहिरवार को सांप ने डस लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अपनी मां की मौत की खबर सुनकर प्राची घबरा गई और उसे अचानक पेट दर्द होने लगा। जिसके बाद हम उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। लेकिन, सुबह से दोपहर तक कोई भी डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आया। इसी लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई। बच्चा वार्ड में मौजूद अन्य परिजन ने भी बताया कि उनके बच्चे को देखने सुबह से कोई भी डॉक्टर नहीं आया था।
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सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव ने कहा कि बच्ची काफी कमजोर थी। उसका वजन भी काफी कम था, उसे पीलिया भी था। डॉक्टरों द्वारा उसे समुचित इलाज दिया गया। मैं खुद उसे देखने गया था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
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