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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   International Leopard Day Over 20 Leopards in Veerangana Tiger Reserve but No Celebration Know Reason Why

international leopard Day: वीरांगना टाइगर रिजर्व में हैं 20 से अधिक तेंदुए, फिर भी नहीं होता आयोजन, जानें

Sat, 03 May 2025 04:18 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 03 May 2025 04:18 PM IST
सार

Leopard in Veerangana Tiger Reserve: डीएफओ ईश्वर जरांडे का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तेंदुआ दिवस तीन मई को मनाया जाता है, लेकिन इसे लेकर जागरूकता बहुत कम है। बाघ के बाद तेंदुआ जंगल का प्रमुख मांसाहारी जानवर है, जिसकी मौजूदगी दमोह जिले में भी है, हालांकि यहां इनकी सटीक संख्या की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

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International Leopard Day Over 20 Leopards in Veerangana Tiger Reserve but No Celebration Know Reason Why
तेंदूखेड़ा के जंगल में तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

दमोह तीन में मई को अंतरराष्ट्रीय तेंदुआ दिवस मनाया जाता है, लेकिन अफसोस की बात है कि इस दिन जिले में कहीं भी तेंदुओं को लेकर कोई विशेष कार्यक्रम या जागरूकता अभियान नहीं होता। जबकि बाघ दिवस के अवसर पर उनकी संख्या, रहवास और संरक्षण को लेकर विशेष आयोजन किए जाते हैं।
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गौरतलब है कि तेंदुआ बाघ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा मांसाहारी वन्य प्राणी है। यह भी वन विभाग की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है। दमोह जिले के जंगलों में भी तेंदुए की मौजूदगी है और वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इनकी संख्या अच्छी-खासी बताई जाती है।
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ऐसा होता है तेंदुए का व्यवहार
तेंदुआ एक ऐसा जानवर है जो जंगल, पहाड़ों से लेकर शहरी इलाकों तक में खुद को ढाल सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह चुपचाप शिकार के पास पहुंचकर अचानक हमला करता है। इसके पैरों की मुलायम त्वचा और हल्की चाल इसे बेहद शांत और चुस्त शिकारी बनाती है।
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ये हैं तेंदुए की खास खूबियां
तेंदुआ पेड़ पर चढ़ने में माहिर होता है। यह अपने शिकार को भी पेड़ पर ले जाकर सुरक्षित रखता है, जो अन्य बड़े शिकारी जानवरों के लिए संभव नहीं होता। तेंदुआ किसी एक विशेष प्रकार के भोजन पर निर्भर नहीं होता यह छोटे जीवों से लेकर बड़े जानवरों तक का शिकार कर सकता है। इसकी दौड़ने की रफ्तार भी काफी तेज होती है।

बाघ के बराबर हैं तेंदुए की संख्या
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों के समान ही तेंदुओं की संख्या भी पाई जाती है। हालांकि दोनों शिकारी एक-दूसरे के आमने-सामने कम ही आते हैं। तेंदुए ज्यादातर पेड़ों पर बसेरा बनाते हैं और बाघों से दूरी बनाकर रखते हैं। रिजर्व के एसडीओ प्रतीक दुबे ने बताया कि नौरादेही के अंतर्गत वर्तमान में छह रेंज हैं और सभी में तेंदुए की उपस्थिति है। यहां दो दर्जन से अधिक तेंदुए मौजूद हैं।
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