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Sehore: दो कमरे में चलता मिला अवैध नर्सिंग होम, एक साल पहले रद्द हो चुका था रजिस्ट्रेशन; मिलीं अनेक खामियां
Sat, 03 May 2025 03:52 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 03:52 PM IST
सार
Sehore: अस्पताल में महज दो कमरे हैं और आवश्यक मेडिकल उपकरणों की भारी कमी है। इसके बावजूद यहां महिलाओं के प्रसव कराए जा रहे थे। क्या है पूरा मामला आइये जानते हैं।
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नर्सिंग होम में मिलीं अनेक खामियां
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में कई निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। ताजा मामला श्यामपुर तहसील के ग्राम सोनकच्छ का है, जहां आरोग्य केयर अस्पताल नाम से एक नर्सिंग होम बिना पंजीयन के चल रहा था। विभागीय टीम ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
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जानकारी के अनुसार, आरोग्य केयर अस्पताल का पंजीयन वर्ष 2024 में ही रद्द कर दिया गया था, बावजूद इसके यहां चिकित्सकीय सेवाएं अवैध रूप से दी जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंभीर खामियां पाई गईं। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया को सौंप दी है।
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बिना पंजीयन कर रहे थे प्रसव
जांच के दौरान सामने आया कि अस्पताल में महज दो कमरे हैं और आवश्यक मेडिकल उपकरणों की भारी कमी है। इसके बावजूद यहां महिलाओं के प्रसव कराए जा रहे थे। अस्पताल में रखी गई 164 डिलीवरी केस शीट में किसी भी मरीज की जानकारी दर्ज नहीं थी।
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अप्रशिक्षित स्टाफ, डॉक्टर नदारद
निरीक्षण के समय अस्पताल में केवल तीन लोग कार्यरत पाए गए, जिनमें प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ नहीं था। प्रसव कराने वाली महिला डॉक्टर और अन्य चिकित्सक मौके से नदारद थे। इसके अलावा अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन की भी कोई व्यवस्था नहीं मिली।
सानिया अस्पताल की आयुष्मान मान्यता रद्द
इसी प्रकार का एक अन्य मामला भोपाल-इंदौर हाईवे स्थित आष्टा बायपास पर स्थित सानिया अस्पताल का है। यहां एक महिला का गलत ऑपरेशन किए जाने और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अनियमितताओं की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की आयुष्मान मान्यता निरस्त कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 6 फरवरी 2025 को जिला स्तरीय जांच टीम सानिया अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। मौके पर अनुबंधित डॉक्टरों में से केवल एक ही उपस्थित था। अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे और कई इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर छह सदस्यीय जांच टीम गठित की गई और रिपोर्ट भोपाल भेजी गई। सीएमएचओ डॉ. सुधीर देहरिया ने बताया कि, सानिया अस्पताल का मामला दो-तीन महीने पुराना है। शिकायत के आधार पर जांच की गई थी और रिपोर्ट भोपाल भेजी गई। इसी के आधार पर अस्पताल की आयुष्मान मान्यता रद्द कर दी गई है।
