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फिर एक दूजे के हुए: पति-पत्नी को दूर कर रही थी एक गलतफहमी... कोर्ट पहुंचे तो फिर साथ रहने का किया वादा
Sat, 09 Dec 2023 06:04 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 09 Dec 2023 06:04 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक छोटी सी गलतफहमी पति-पत्नी को एक दूसरे से अलग होने की कगार पर पहुंचा रही थी। खैर, दोनों कोर्ट पहुंचे और समझाइश दी गई, फिर दोनों पति-पत्नी अब एक दूजे के हो गए।
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कोर्ट में मौजूद पति-पत्नी और अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पति-पत्नी का संबंध सात जन्मों का होता है, लेकिन जरा सी गलतफहमी इन संबंधों में दरार लाने का काम भी करती है। दमोह जिले के एक दंपती के बीच ऐसा ही हुआ। पत्नी के गले में जलने के निशान बने तो दंपती में दूरियां बन गईं और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। लेकिन शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में यह पति-पत्नी फिर एक हो गए और एक दूसरे को माला पहनाकर जीवन भर साथ रहने का वादा लेते हुए दोनों हंसते हुए विदा हुए।
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दरअसल, दमोह के समन्ना गांव निवासी रानू की शादी छतरपुर जिले के देवपुर बकस्वाहा निवासी गोवर्धन के साथ साल 2019 में हुई थी। शादी के बाद रसोई में काम करते हुए रानू एक आगजनी की घटना का शिकार हो गई और उसके गले में जलने के निशान आ गए। यह देख पति गोवर्धन ने उसका इलाज करावाया, ताकि जलने के निशान भी खत्म हो जाएं और इस पूरी कवायद में गोवर्धन पर काफी कर्ज हो गया। वह कर्ज चुकाने के लिए मेहनत, मजदूरी करने दिल्ली चला गया। यह देख पत्नी रानू को लगा कि उसके जलने के निशान के चलते पति अब उसे पसंद नहीं करता।
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इन सब गलफहमियों ने दोनों दंपती को न्यायालय तक पहुंचाया और इसके बाद दोनों पक्ष पेशी करने न्यायालय आने लगे। रानू ने गोवर्धन पर 25 हजार रुपये महीने भरण पोषण का केस लगाया। वहीं, गोवर्धन तलाक लेने के लिए तैयार हो गया। चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल मनीष नगाइच ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय के पीठासीन अंजनी नंदन जोशी ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और कोर्ट कचहरी में पड़ने से होने वाले पहलुओं को समझाया।
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इसके बाद दोनों पक्षों में आस जागी, दोनों पेशियों के दौरान अपना सुख- दुख बांटने लगे और लोक अदालत के दिन दोनों पक्षों ने फिर से एक हो जाने की ठानी और फिर से एक-दूसरे को माला पहनाकर गिले-शिकवे मिटाए और जीवन भर साथ रहने का वादा किया। प्रधान न्यायाधीश को बुके सौंपकर हंसते हुए घर रवाना हुए। इस दौरान न्याायल के कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पति-पत्नी को शुभकामनाएं दीं।
