Damoh News: 34 साल बाद भी नहीं बन पाया हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, बदहाल है शिक्षा व्यवस्था
Damoh News: दमोह जिले के हटा तहसील के मडियादो में 34 साल पहले हायर सेकंडरी स्कूल चालू हुआ था, लेकिन आज तक भवन नहीं बन पाया। बदहाल शिक्षा व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले शिक्षा सत्र में सात कमरों में 800 छात्र कैसे बैठते होंगे।
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सरकार के द्वारा शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने भले अनेकों योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल में आज भी शिक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हो पाया। बता दें शिक्षा विभाग द्वारा आधा सैकड़ा स्कूलों के संचालन के लिए मडियादो में संकुल केंद्र बनाया गया है। संकुल केंद्र होने और 34 साल पहले हायर सेकेंड्री स्कूल शुरू होने के बाद भी आज तक भवन नहीं बन पाया। संकुल केंद्र सहित उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र हाई स्कूल के भवन में बैठकर अध्यापन करने को मजबूर है। हाई स्कूल के भवन में पर्याप्त कक्ष न होने के चलते छात्रों की बैठक व्यवस्था साल भर अव्यवथित रहती है।
उदासीनता के चलते नहीं बन पाया भवन
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और अधिकारियों की उपेक्षा का उदाहरण ही कहा जायेगा कि 34 साल में स्कूल का भवन नहीं बन पाया है। इंदिरा कॉलोनी स्थित हाई स्कूल भवन में 10 कमरे है, जिनमें से छात्र बैठक व्यवस्था के लिए सात कमरे और दो कमरे कंप्यूटर कक्ष के लिए है। वहीं एक कमरे में स्कूल का ऑफिस संचालित होता है।
60 साल पहले शुरू हुआ था हाई स्कूल
जानकारी के अनुसार वर्ष 1964 में मडियादो में हाईस्कूल शुरू हुआ था। जिसके कुछ समय बाद 1989-90 में 11वीं बोर्ड कक्षा के साथ उच्च माध्यमिक विद्यालय की शुरुआत हुई। 2010 में इंदिरा कॉलोनी में हाईस्कूल का भवन स्वीकृत होकर निर्मित हुआ और हायर सेकेंड्री स्कूल का भवन 34 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाया। चालू शिक्षा सत्र में छात्र दर्ज संख्या पर नजर डाली जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि 7 कमरे में 800 छात्र कैसे बैठते होंगे और शिक्षकों द्वारा क्या अध्यापन कराया जाता होगा।
यह है स्कूल की छात्र संख्या
मडियादो हायर सेकंडरी स्कूल में इस सत्र में 9 वीं कक्षा में 290 छात्र, 10वीं में 247 छात्र , 11वीं में 112 और 12वीं 188 छात्र अध्यनरत थे। इस संबंध में प्राचार्य ममता छिरोल्यां ने बताया कि छात्र बैठक व्यवस्था के लिए पर्याप्त जगह नहीं है जिसके चलते समस्या होती है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा का कहना है कि वह इसके बारे में जानकारी लेते हैं।
