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Damoh: बारिश नहीं होने से बढ़ गई बिजली की खपत, मई माह में जारी हुए एक करोड़ 90 लाख रुपये के बिजली बिल

Wed, 12 Jun 2024 05:45 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 12 Jun 2024 05:45 PM IST
सार

Damoh: बिजली की खपत अप्रैल में 8 लाख 96 हजार यूनिट से भी ज्यादा बढ़ गई। मई की खपत ने अप्रैल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मार्च की तुलना में 19 लाख 85 हजार से ज्यादा बिजली की खपत हुई। ऐसे में सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ता बाहर हो गए है।

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Electricity consumption increased due to lack of rain in damoh
बिजली बिल सुधार करवाने लगी लाइन

विस्तार

दमोह में नोतपा खत्म होने के बाद भी बारिश न होने से काफी भीषण गर्मी हो रही है। इस कारण से लोगों के घरों के बिजली उपकरण लगातार चलने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। मई माह में दमोह शहर के उपभोक्ताओं के एक करोड़ 90 लाख रुपए के बिजली बिल जारी हुए हैं। जिससे उपभोक्ता सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गए और अपने बड़े बिजली बिलों की समस्या लेकर अधिकारियों के पास जा रहे हैं।
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दो महीनों का टूटा बिजली खपत का रिकार्ड
इस साल भीषण गर्मी से आमजन काफी परेशान हो गया है। जिससे घरों के पंखा, कूलर, एसी लगातार चल रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर में बिजली की खपत अप्रैल में 8 लाख 96 हजार यूनिट से भी ज्यादा बढ़ गई। मई की खपत ने अप्रैल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया और मार्च की तुलना में 19 लाख 85 हजार से ज्यादा बिजली की खपत हुई। ऐसे में बिजली बिलों में सब्सिडी पाने वाले हजारों उपभोक्ता इससे बाहर हो गए हैं। यही नहीं मार्च की तुलना में अप्रैल में 70 लाख रुपए ज्यादा के बिल जारी हुए हैं। जबकि मई में 1 करोड़ 90 लाख रुपए के बिजली बिल जारी किए गए हैं।
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24 घंटे चल रहे उपकरण
बारिश न होने से गर्मी का असर कम नहीं हो रहा जिससे घरों और प्रतिष्ठानों में 24 घंटे कूलर, एसी, पंखे चल रहे हैं। हालांकि पंखों की हवा भी राहत नहीं दे पा रही है। अधिकांश घरों, प्रतिष्ठानों में एसी लगवाए गए हैं। जिससे बिजली की खपत भी बढ़ी है। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ा है। जो उपभोक्ता सब्सिडी के लाभ से बाहर हो गए वे बिजली बिल मिलने पर बढ़ी हुई राशि देखकर बिजली कार्यालय में मीटर रीडिंग का मिलान कराने पहुंच रहे हैं।
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मीटर रीडिंग चेक कराने पहुंचे लोग
किल्लाई नाका स्थित विद्युत मंडल कार्यालय में शिविर में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे, जिन्होंने पिछले माह कम राशि के बिल आने और मई माह में ज्यादा राशि के बिल मिलने पर मीटर रीडिंग चेक कराने की बात कही। शानू रैकवार ने बताया कि मार्च में 800 रुपए का बिजली बिल आया था। मई में 1700 रुपए से ज्यादा बिजली बिल आया है। मीटर में 100 यूनिट से अधिक रीडिंग बढ़ने से सब्सिडी भी नहीं मिली। प्रीतेश दिवाकर ने बताया कि फरवरी मार्च में 500 रुपए तक बिजली बिल जमा किया, लेकिन अप्रैल और मई में खपत ज्यादा होने से शासन से मिलने वाली सब्सिडी नहीं मिल पाई, जिससे आर्थिक बजट बिगड़ गया है।


शहर में हैं 34211 बिजली उपभोक्त्ता
बता दें शहरी क्षेत्र में 34 हजार 211 बिजली उपभोक्ता है। इनमें से 100 से 120 बूनिट की खपत वाले लगभग 5500 उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलता है, लेकिन दो माह में लगभग 2 हजार उपभोक्ता इस लाभ से बाहर हो गए। वहीं बिजली विभाग के शहरी मेंटीनेंस अधिकारी सीपी चोपड़ा का कहना है कि बारिश न होने से लगातार लोगों के घरों के बिजली उपकरण चल रहे हैं और ट्रांसफार्मर और लाइन में भी खराबी आ रही है। जिससे वह पूरे दिन कर्मचारियों के साथ सुधार कार्य में लगे रहते हैं।
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