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Damoh News: कड़ाके की ठंड के साथ गुजर रहा साल का अंतिम दिन, इंसान के साथ मवेशी भी अलाव सेंकने हुए मजबूर
Tue, 31 Dec 2024 06:25 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 06:25 PM IST
सार
गेहूं और चने की फसल को यह ठंडा मौसम काफी फायदेमंद है। किसानों ने बताया, ऐसे मौसम में चना और गेहूं की फसल के लिए काफी लाभ है। लेकिन यदि कोहरा लगातार बढ़ता गया तो चने में आने वाले फूल को नुकसान हो सकता है।
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दिन में जलते रहे अलाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साल का अंतिम दिन 31 दिसंबर कड़ाके की ठंड के साथ गुजर रहा है। दिसंबर के पूरे महीना बीतने के बाद ठंड नहीं लगी। लेकिन मंगलवार को धूप निकलने के साथ ही शीतलहर चलने के कारण ठंड काफी तेज रही। न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री पहुंच गया। आलम यह था कि दिन में भी लोग अलाव सेंक रहे थे। वहीं, मवेशी भी आग के चारों ओर बैठकर ठंड दूर करते दिखाई दिए।
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तेंदूखेड़ा ब्लॉक में सुबह से कोहरा छाया रहा और दोपहर से शीतलहर चलने शुरू हो गई, जो पूरे दिन चलती रही। आसमान में बादल छाए रहने के कारण सूरज भी कुछ समय के लिए निकला और बादलों में फिर छिप गया। हालांकि, नए साल का आगाज भी तेज ठंड के साथ ही होगा।
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जलते रहे अलाव
तेज ठंड का असर सुबह से ही दिखाई दे रहा था। लोग घर से गर्म कपड़ों में ही बाहर निकले और पूरे दिन गर्म कपड़े पहने रहे। इसके अलावा जगह-जगह अलाव जलते रहे। जहां बच्चे और बुजुर्ग सभी आग सेकते रहे। ठंड तेज होने के चलते बाजार में लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही।
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गेहूं की फ़सल क़ो फायदा
गेहूं और चना की फ़सल क़ो यह ठंडा मौसम काफ़ी फायदेमंद है। किसानों ने बताया, ऐसे मौसम में चना और गेहूं की फ़सल के लिए काफ़ी लाभ है। लेकिन यदि कोहरा लगातार बढ़ता गया तो चने में आने वाले फूल क़ो नुकसान हो सकता है। लेकिन वर्तमान में यह मौसम फसलों के लिए वरदान है। दूसरी तरफ मजदूरों के लिए यह मौसम नुकसानदायक है। क्योंकि तेज ठंड के कारण मजदूर अपने रोजगार पर नहीं जा पा रहे। तेज ठंड से जन जीवन अस्तव्यस्त बना हुआ है। साप्ताहिक बाजार में भी तेज ठंड का असर देखने मिला। अन्य दिनों की अपेक्षा तेज ठंड के कारण बाजार में ग्राहक बहुत कम पहुंचे।

मवेशी
