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Damoh: दमोह भाजपा कार्यालय से गायब हो जाएगी चहल-पहल, यहां की दर्जनभर दुकानें कराई जा रहीं खाली, जानें क्यों?
Wed, 10 Jan 2024 04:25 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 10 Jan 2024 04:25 PM IST
सार
कीर्ति स्तंभ शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहीं पर भाजपा का कार्यालय है, यहां की जिन दुकानों को खाली कराया जा रहा है, वर्तमान में उनकी कीमत बहुत ज्यादा है। एक-एक फ्रंट की दुकान की कीमत अन्य दुकानों से काफी अधिक है।
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दमोह का भाजपा कार्यालय, जहां की दुकानें हटाई जा रही हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दमोह के कीर्ति स्तंभ स्थित भाजपा कार्यालय में बनी दुकानें जल्द खाली होने वाली हैं। करीब डेढ़ दशक पुरानी दुकानों को खाली कराए जाने के पीछे खास वजह तो सामने नहीं आ रही है, लेकिन बताया जा रहा है कि भाजपा में विस्तार की वजह से कार्यालय में जगह कम पड़ रही है, इसी वजह से दुकानों को बंद कराकर उनमें नेताओं के चेंबर बनाए जाना है। इससे आने वाले समय में यहां चहल, पहल कम हो जाएगी।
इधर, अचानक जारी इस नए फरमान से दुकानदारों की नींदें उड़ चुकी हैं, क्योंकि उन्हें मार्च तक हर हाल में दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ऐसे में अब इन दुकानदारों को चिंता है कि क्या उन्हें वर्तमान मूल्य के अनुसार दुकानों की कीमत देकर हटाया जाएगा। वहीं दुकानदारों के सामने यह भी संकट खड़ा हो गया है कि वह अपना ताम-झाम लेकर कहां पर दुकान चलाएंगे। बता दें कि भाजपा कार्यालय में जितनी दुकानें संचालित हैं उनमें सबसे ज्यादा रूटीन बिक्री की दुकाने हैं। दुकानों को पूरी तरह से बंद किया जाना है। बाहर से दुकानों की शटर हटाकर दीवार उठाई जाएगी। अंदर से तोड़कर चेंबर बनाए जाएंगे।
पॉश एरिया में है कार्यालय
कीर्ति स्तंभ शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां पर जिन दुकानों को खाली कराया जा रहा है, वर्तमान में उनकी कीमत बहुत ज्यादा है। एक-एक फ्रंट की दुकान की कीमत अन्य दुकानों से काफी अधिक है। जहां तक मुआवजे की बात है तो पार्टी के सूत्रों के अनुसार भाजपा दुकानों का उचित मूल्य देगी। इसके बाद दुकान खाली कराई जाएगी। इधर दुकानें खाली होने से दर्जनों व्यापारी बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
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15 साल पहले बना था भाजपा कार्यालय
जानकारी के अनुसार कीर्ति स्तंभ चौराहे के पास करीब 15 वर्ष पूर्व भाजपा कार्यालय बना था। सूत्रों की मानें तो लीज पर मिली जगह पर भाजपा कार्यालय बना है और इसे कमर्शियल उपयोग में लिया जा रहा था। इसमें 12 दुकानें बनाई गई थीं, जिन्हें करीब 5-5 लाख रुपये में बेचा गया था। वहीं, कुछ साल पहले कुछ दुकानें 20 से 25 लाख रुपये में दूसरे के नाम बेचे जाने की बात सामने आ रही है। अधिकांश दुकानें भाजपा कार्यकर्ताओं की होना भी बताई जा रहीं हैं।
15 दिन पहले हो चुकी बैठक
दुकानें खाली कराए जाने को लेकर 15 दिन पहले एक बैठक भी हो चुकी है। इसमें व्यापारियों को दुकानें खाली कराए जाने के संबंध में जानकारी दी गई। हालांकि दुकानदारों ने खुलकर इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो व्यापारियों ने कोई सहमति नहीं दी है।
मार्च में खाली हो जाएंगी
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी ने बताया मार्च तक दुकानें खाली करा दी जाएंगी। यह प्रदेश स्तर पर चल रहा है। भाजपा पदाधिकारियों के लिए जगह कम होने के चलते यह कदम उठाया जा रहा है। दुकानदारों के साथ बैठक हो चुकी है।
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इधर, अचानक जारी इस नए फरमान से दुकानदारों की नींदें उड़ चुकी हैं, क्योंकि उन्हें मार्च तक हर हाल में दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ऐसे में अब इन दुकानदारों को चिंता है कि क्या उन्हें वर्तमान मूल्य के अनुसार दुकानों की कीमत देकर हटाया जाएगा। वहीं दुकानदारों के सामने यह भी संकट खड़ा हो गया है कि वह अपना ताम-झाम लेकर कहां पर दुकान चलाएंगे। बता दें कि भाजपा कार्यालय में जितनी दुकानें संचालित हैं उनमें सबसे ज्यादा रूटीन बिक्री की दुकाने हैं। दुकानों को पूरी तरह से बंद किया जाना है। बाहर से दुकानों की शटर हटाकर दीवार उठाई जाएगी। अंदर से तोड़कर चेंबर बनाए जाएंगे।
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पॉश एरिया में है कार्यालय
कीर्ति स्तंभ शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां पर जिन दुकानों को खाली कराया जा रहा है, वर्तमान में उनकी कीमत बहुत ज्यादा है। एक-एक फ्रंट की दुकान की कीमत अन्य दुकानों से काफी अधिक है। जहां तक मुआवजे की बात है तो पार्टी के सूत्रों के अनुसार भाजपा दुकानों का उचित मूल्य देगी। इसके बाद दुकान खाली कराई जाएगी। इधर दुकानें खाली होने से दर्जनों व्यापारी बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
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15 साल पहले बना था भाजपा कार्यालय
जानकारी के अनुसार कीर्ति स्तंभ चौराहे के पास करीब 15 वर्ष पूर्व भाजपा कार्यालय बना था। सूत्रों की मानें तो लीज पर मिली जगह पर भाजपा कार्यालय बना है और इसे कमर्शियल उपयोग में लिया जा रहा था। इसमें 12 दुकानें बनाई गई थीं, जिन्हें करीब 5-5 लाख रुपये में बेचा गया था। वहीं, कुछ साल पहले कुछ दुकानें 20 से 25 लाख रुपये में दूसरे के नाम बेचे जाने की बात सामने आ रही है। अधिकांश दुकानें भाजपा कार्यकर्ताओं की होना भी बताई जा रहीं हैं।
15 दिन पहले हो चुकी बैठक
दुकानें खाली कराए जाने को लेकर 15 दिन पहले एक बैठक भी हो चुकी है। इसमें व्यापारियों को दुकानें खाली कराए जाने के संबंध में जानकारी दी गई। हालांकि दुकानदारों ने खुलकर इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो व्यापारियों ने कोई सहमति नहीं दी है।
मार्च में खाली हो जाएंगी
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी ने बताया मार्च तक दुकानें खाली करा दी जाएंगी। यह प्रदेश स्तर पर चल रहा है। भाजपा पदाधिकारियों के लिए जगह कम होने के चलते यह कदम उठाया जा रहा है। दुकानदारों के साथ बैठक हो चुकी है।
