MP: कटघरे में मिशन अस्पताल, मौत-फर्जीवाड़े में होगी जांच, वेबसाइट पर फर्जी डॉ. का प्रचार; संचालक पर क्या आरोप?
दमोह के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन. जॉन कैम के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया। आरोपी पुलिस रिमांड में है। अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं।
विस्तार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में हुए फर्जी कार्डियोलोजिस्ट डॉक्टर एन. जॉन कैम के खुलासे ने पूरे देश को चौंका दिया है। आरोपी डॉक्टर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है, पुलिस की टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। इस दौरान आरोपी से उसकी निजी जिंदगी के बारे में सवाल किए जा रहे हैं। जैसे- वह कहां का रहने वाला हैं, अब तक उसने किन अस्पतालों में और कहां नौकरी की, फर्जी डिग्रियां किस तरह और किसकी मदद से तैयार कराईं? अब तब कितने ऑपरेशन किए, कहां कितने मरीजों की जान गई? इस तरह के तमाम सवाल पुलिस उससे पूछ रही है।
वहीं, आरोपी फर्जी डॉक्टर एन. जॉन कैम यानी नरेंद्र यादव दमोह के जिस मिशन अस्पताल में नौकरी कर रहा था, अब इस मामले में वह भी घिरता नजर आ रहा है। अस्पताल को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उधर, अस्पताल की ओर से अपनी वेबसाइट पर आरोपी फर्जी डॉ. एन. जॉन कैम का प्रचार अब भी किया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से उसका पोस्टर वेबसाइट से नहीं हटाया गया है।
पहले भी चर्चा में आया मिशन अस्पताल
ऐसा पहली बार नहीं है कि दमोह शहर के राय चौराहे पर स्थित मिशन अस्पताल सुर्खियों में आया हो। इससे पहले भी यह कई बार चर्चा में रहा है। अस्पताल के संचालक अजय लाल पर मानव तस्करी और धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। लेकिन, इसे लेकर दर्ज केस को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। हालांकि, सात मरीजों की मौतों के मामले में कांग्रेस उन पर भी केस दर्ज करने की मांग सरकार से कर चुकी है। अगर, ऐसा होता है तो अजय लाल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।
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अस्पताल की घोर लापरवाही?
दमोह मिशन अस्पताल का प्रबंधन डिग्रियों की बिना जांच किए डॉक्टर एन. जॉन कैम को नौकरी पर रखने को लेकर घिर गया है। अतिरिक्त जिला अभियोजक सतीश कपस्या कि कहा कि डॉक्टर एन. जॉन कैम को बिना जांच के अस्पताल में नौकरी पर रख लिया गया। यह घोर लापरवाही है। इस मामले में अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की संभावना है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
कब बना अस्पताल, क्या-क्या सुविधाएं?
दमोह का मिशन अस्पताल 10 साल पहले शुरू हुआ था। यह जिले का सबसे बड़ा प्राइवेट अस्पताल है। इसमें 131 बेड हैं, इसके अलावा अस्पताल में सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी, 3D इको, सोनोग्राफी के लिए अत्याधुनिक मशीनों के साथ-साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी मशीनें भी मौजूद हैं। साथ ही, अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट और उन्नत ऑपरेशन थियेटर भी है। अस्पताल में 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी मौजूद है।
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वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
दमोह मिशन अस्पताल के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट रह चुके फर्जी डॉक्टर एन. जॉन कैम को बीते मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया था। इस दौरान कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता आरोपी डॉक्टर और मिशन अस्पताल के संचालक अजय लाल के विरोध में उतर आए। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी आरोपियों की कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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