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Damoh: दमोह के हर्रई सिंगोरगढ़ में फैला डायरिया, अस्पताल में भर्ती ग्रामीण, गांव में बीमारी बढ़ने से हड़कंप
Thu, 31 Aug 2023 11:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 31 Aug 2023 11:58 PM IST
सार
हरई गांव के यादव मोहल्ले में दर्जनों ग्रामीण उल्टी, दस्त से पीड़ित हैं। इसमें महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं और अपना इलाज तेंदूखेड़ा, दमोह और जबलपुर में करवा रहे हैं।
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दमोह जिले में डायरिया फैल रहा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब हर्रई सिंगोरगढ़ गांव में डायरिया फैल गया है, जिससे दर्जनों ग्रामीण बीमार हो गए हैं और अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। बता दें कि करीब चार दिन पहले बादीपुरा गांव में भी डायरिया फैला था जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला गांव पहुंचा था और जांच के दौरान 63 मरीज पीड़ित निकले थे और दूसरे गांव में भी डायरिया फैलने से हड़कंप के हालात बन गए हैं।
हरई गांव के यादव मोहल्ले में दर्जनों ग्रामीण उल्टी, दस्त से पीड़ित हैं। इसमें महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं और अपना इलाज तेंदूखेड़ा, दमोह और जबलपुर में करवा रहे हैं। कुछ मरीज तेंदूखेड़ा में इलाज कराके घर चले गए तो कुछ आज भी अस्पतालों में भर्ती हैं। यादव मोहल्ले में गंदगी फैली है और पानी दूषित होने की वजह से ही लोगों को उल्टी-दस्त हो रहे हैं। गुरुवार को तेंदूखेड़ा लोक स्वास्थ केंद्र में सुबह से उल्टी, दस्त से पीड़ित लगभग आधा दर्जन मरीज उपचार कराने पहुंचे। सुमित्रा पति करोड़ी यादव ने बताया कि उनके परिवार में अचनाक तबीयत बिगड़ रही है। वह दो दिन पहले तक ठीक थी, लेकिन बुधवार से उनको उल्टी, दस्त होने शुरू हो गए जिसके बाद अस्पताल लाया गया। सिया पति लखन यादव ने बताया कि उन्हें भी उल्टी-दस्त हो रहे हैं। परिवार के लोग इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए हैं।
महिलाओं के साथ आई उनकी बेटी ने बताया कि घर में आठ सदस्य उल्टी-दस्त से ग्रस्त हैं, जिनका अलग-अलग जगह उपचार चल रहा है। वह राधाकृष्ण मंदिर के समीप रहती हैं जिसको यादव मोहल्ला कहा जाता है। आसपास रहने वाले लोग भी इसी तरह बीमारी से ग्रस्त हैं।
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गंदगी और पानी है कारण
ग्राम हर्रई में फैली बीमारी को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि उनके मोहल्ले में नदियों की गंदगी फैली हुई है। साफ सफाई कभी होती नहीं है और जो पानी आता है उस टंकी में भी बहुत ज्यादा गंदगी फैली हुई है। इसके कारण बीमारी फ़ैल रही है। एक ही परिवार की दो महिलाएं भी इलाज कराने लोक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से पांच-छह मरीज हर्रई सिंगोरगढ़ गांव से आए थे, जो उल्टी-दस्त से ग्रस्त थे। दो महिलाओं की हालत ज्यादा खराब थी इसलिए उनको भर्ती किया गया है। ग्राम पंचायत के सचिव चतुर्भुज कोष्टि ने बताया मुझे इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। मैं गांव जाकर जानकारी लेता हूं।
बादीपुरा गांव में भी फैल चुका डायरिया
पिछले दिनों इसी तरह ग्राम बादीपुरा में भी डायरिया फैला था, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और आधा सैकड़ा लोग उल्टी, दस्त की बीमारी से ग्रस्त हुए थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम और पीएचई विभाग की टीम बादीपुरा पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुद पुष्टि की थी कि बीमारी का कारण दूषित पानी और गंदगी है। बाद में पीएचई विभाग की टीम ने ज़ब बोर का सैंपल लिया तो उन्होंने बताया कि बोर का पानी पूरी तरह साफ है। कुआं पीएचई के अधीन नहीं आता इसलिये उन्होंने कुएं के पानी का सैंपल नहीं लिया जबकि ग्रामीण कुआं और बोर दोनों का पानी उपयोग करते थे।
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हरई गांव के यादव मोहल्ले में दर्जनों ग्रामीण उल्टी, दस्त से पीड़ित हैं। इसमें महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं और अपना इलाज तेंदूखेड़ा, दमोह और जबलपुर में करवा रहे हैं। कुछ मरीज तेंदूखेड़ा में इलाज कराके घर चले गए तो कुछ आज भी अस्पतालों में भर्ती हैं। यादव मोहल्ले में गंदगी फैली है और पानी दूषित होने की वजह से ही लोगों को उल्टी-दस्त हो रहे हैं। गुरुवार को तेंदूखेड़ा लोक स्वास्थ केंद्र में सुबह से उल्टी, दस्त से पीड़ित लगभग आधा दर्जन मरीज उपचार कराने पहुंचे। सुमित्रा पति करोड़ी यादव ने बताया कि उनके परिवार में अचनाक तबीयत बिगड़ रही है। वह दो दिन पहले तक ठीक थी, लेकिन बुधवार से उनको उल्टी, दस्त होने शुरू हो गए जिसके बाद अस्पताल लाया गया। सिया पति लखन यादव ने बताया कि उन्हें भी उल्टी-दस्त हो रहे हैं। परिवार के लोग इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए हैं।
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महिलाओं के साथ आई उनकी बेटी ने बताया कि घर में आठ सदस्य उल्टी-दस्त से ग्रस्त हैं, जिनका अलग-अलग जगह उपचार चल रहा है। वह राधाकृष्ण मंदिर के समीप रहती हैं जिसको यादव मोहल्ला कहा जाता है। आसपास रहने वाले लोग भी इसी तरह बीमारी से ग्रस्त हैं।
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गंदगी और पानी है कारण
ग्राम हर्रई में फैली बीमारी को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि उनके मोहल्ले में नदियों की गंदगी फैली हुई है। साफ सफाई कभी होती नहीं है और जो पानी आता है उस टंकी में भी बहुत ज्यादा गंदगी फैली हुई है। इसके कारण बीमारी फ़ैल रही है। एक ही परिवार की दो महिलाएं भी इलाज कराने लोक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से पांच-छह मरीज हर्रई सिंगोरगढ़ गांव से आए थे, जो उल्टी-दस्त से ग्रस्त थे। दो महिलाओं की हालत ज्यादा खराब थी इसलिए उनको भर्ती किया गया है। ग्राम पंचायत के सचिव चतुर्भुज कोष्टि ने बताया मुझे इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। मैं गांव जाकर जानकारी लेता हूं।
बादीपुरा गांव में भी फैल चुका डायरिया
पिछले दिनों इसी तरह ग्राम बादीपुरा में भी डायरिया फैला था, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और आधा सैकड़ा लोग उल्टी, दस्त की बीमारी से ग्रस्त हुए थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम और पीएचई विभाग की टीम बादीपुरा पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुद पुष्टि की थी कि बीमारी का कारण दूषित पानी और गंदगी है। बाद में पीएचई विभाग की टीम ने ज़ब बोर का सैंपल लिया तो उन्होंने बताया कि बोर का पानी पूरी तरह साफ है। कुआं पीएचई के अधीन नहीं आता इसलिये उन्होंने कुएं के पानी का सैंपल नहीं लिया जबकि ग्रामीण कुआं और बोर दोनों का पानी उपयोग करते थे।
