{"_id":"639f008f72bada44681b16df","slug":"damoh-contract-health-workers-wrote-letters-with-blood-to-cm-shivraj-second-day-of-strike","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Damoh: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खून से लिखे सीएम शिवराज को पत्र, धरने का दूसरा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खून से लिखे सीएम शिवराज को पत्र, धरने का दूसरा दिन
Sun, 18 Dec 2022 05:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 18 Dec 2022 05:29 PM IST
सार
नियमितीकरण की मांग को लेकर विदा स्वास्थ्य कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार को दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना स्थल पर सीरिंज से अपना खून निकाला और उसी खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं।
विज्ञापन
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खून से सीएम को पत्र लिखे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के दमोह में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। वे दो दिन से धरने पर बैठे हैं। दूसरे दिन हड़ताली संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को खून से पत्र लिखा है। अब ये पत्र मुख्यमंत्री तक भेजे जाएंगे। बता दें कि नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नियमितीकरण की मांग को लेकर विदा स्वास्थ्य कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार को दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना स्थल पर सीरिंज से अपना खून निकाला और उसी खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं। पत्रों में अपनी मांगें लिखी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अब खून से लिखे ये पत्र मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं इसके बाद भी उन्हें बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। संविदा मानो कर्मचारियों के लिए बीमारी हैं। जिसके कारण वह अपने परिवार का ठीक से भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार नियमितीकरण की मांग को लेकर विदा स्वास्थ्य कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार को दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना स्थल पर सीरिंज से अपना खून निकाला और उसी खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं। पत्रों में अपनी मांगें लिखी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अब खून से लिखे ये पत्र मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं इसके बाद भी उन्हें बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। संविदा मानो कर्मचारियों के लिए बीमारी हैं। जिसके कारण वह अपने परिवार का ठीक से भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
अपनी मांगों के लिए दो दिन से हड़ताल पर बैठे हैं कर्मचारी।
- फोटो : सोशल मीडिया
बताया कि उन्होंने कई बार सरकार से मांग की है लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। इस बार संविदाकर्मी आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। कर्मचारियों की मुख्यमंत्री से मांग है कि उन सभी को नियमित किया जाए और समान काम समान वेतन लागू किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे हड़ताल पर डटे रहेंगे। स्वास्थ्य कर्मचारियों का यह भी कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी करेगी, तो वह तत्काल ही सेवा देने के लिए वापस आ जाएंगे। उन्हें खेद है कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं उनके हड़ताल पर जाने के कारण प्रभावित हो रही हैं।
