सर पर जूते रखकर न चलने पर बरपा दबंगों का कहर
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देशभर में दलितों के उत्थान के लिए बेशक कितने प्रयास किए जा रहे हों लेकिन मध्यप्रदेश के सागर जिले के दलितों की जिंदगी के स्याह पन्नों पर उम्मीद की कोई किरण पड़ती नहीं दिख रही है।
सालों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे कई परिवारों पर फिर दबंगों का कहर बरपा है। दलितों के कई परिवारों को सिर पर जूते रखकर न चलने पर पीटा गया। पीड़ित परिवार शिकायत करने थाने पहुंचे तो वहां भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सागर जिले से 100 किलोमीटर दूर बांदा तहसील के कैथोरा गांव के कुछ दलित परिवारों को सालों से दबंगों का अत्याचार सहना पड़ रह है।
दुष्कर्म का मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
असल में दलित परिवारों पर दुष्कर्म का एक मुकदमा वापिस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जिसमें गांव के ठाकुर बिरादरी का एक लड़का दलितों की एक नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गया था। जिसमें लड़की और उसके परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।
ठाकुर परिवार ने दलितों पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया था लेकिन पीड़ित परिवार ने उनकी बात नहीं मानी। इसी के विरोध में दबंगों ने पंचायत कर दलित परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया था।
इसके बाद से दलित परिवारों को दबंगों के घर के सामने से गुजरने पर सर पर जूते रखकर चलना पड़ता है। पीड़ित परिवार की अनार बाई ने बताया कि उनकी सुनवाई पुलिस भी नहीं करती।
अनार बाई का आरोप है कि बीते दिनों सिर पर जूते रखकर न चलने पर दबंगों ने उनकी पिटाई की। एक अन्य दलित ने बताया कि उन्होंने बांदा पुलिस थाने पहुंचकर रिपोर्ट कराई। वहीं पुलिस का कहना है कि हमला नहीं हुआ केवल कुछ लोगों में मारपीट हुई थी।
