{"_id":"5e76137d8ebc3e76ad64839a","slug":"coronavirus-sanitize-spray-from-drone-in-indore-major-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छता में शीर्ष इंदौर ने कोरोना से लड़ने को निकाला अनूठा रास्ता, ड्रोन से किया जा रहा सैनेटाइजेशन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छता में शीर्ष इंदौर ने कोरोना से लड़ने को निकाला अनूठा रास्ता, ड्रोन से किया जा रहा सैनेटाइजेशन
Sat, 21 Mar 2020 06:45 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अमित कुमार
Updated Sat, 21 Mar 2020 06:45 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस से लड़ाई में मध्य प्रदेश के इंदौर के शहर ने एक अनूठा तरीका ढूंढा है। स्वच्छता के मामले में पूरे देश में नंबर एक इंदौर शहर में ड्रोन से प्रमुख क्षेत्रों को सैनेटाइज किया जा रहा है। इंदौर नगर निगम ने कई क्षेत्रों में दवा के छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।
'टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी खबर के अनुसार इंदौर नगर निगम कोरोना से लड़ने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहा है। इंदौर नगर निगम के आयुक्त ने बताया कि वायरस को खत्म करने के लिए एक ड्रोन 20 लीटर तक लिक्विड डिसइन्फेक्शन ले जा सकता है। ये ड्रोन आधे घंटे में 10 किलोमीटर का क्षेत्र कवर कर सकते हैं, जिससे स्प्रे का काम तेजी से किया जा सकता है।
विज्ञापन
इंदौर नगर निगम ने जैविक और रासायनिक सैनेटाइजर के संयोजन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसे ड्रोन के जरिए चुने गए क्षेत्रों में छिड़का जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह सैनेटाइजर जैविक है और इंसानों को इससे कोई खतरा नहीं है।
इंदौर के चोइथराम मंडी, विजय नगर, पालासिया और रजवाड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुबह और शाम यह छिड़काव किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए छिड़काव पारंपरिक तरीके की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और तेज है। अधिकारियों ने बताया कि चीन में भी कई शहरों और गांवों में ड्रोन के जरिए छिड़काव किया गया था।
इंदौर में अभी तक एक भी पॉजीटिव केस नहीं मिला है। हालांकि मध्य प्रदेश में अभी तक चार मामले सामने आ चुके हैं। राज्य के दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मंदिरों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के प्राधिकारियों ने कोरोना वायरस प्रकोप को देखते हुए भक्तों के प्रवेश पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है।
विज्ञापन
'टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी खबर के अनुसार इंदौर नगर निगम कोरोना से लड़ने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहा है। इंदौर नगर निगम के आयुक्त ने बताया कि वायरस को खत्म करने के लिए एक ड्रोन 20 लीटर तक लिक्विड डिसइन्फेक्शन ले जा सकता है। ये ड्रोन आधे घंटे में 10 किलोमीटर का क्षेत्र कवर कर सकते हैं, जिससे स्प्रे का काम तेजी से किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंदौर नगर निगम ने जैविक और रासायनिक सैनेटाइजर के संयोजन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसे ड्रोन के जरिए चुने गए क्षेत्रों में छिड़का जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह सैनेटाइजर जैविक है और इंसानों को इससे कोई खतरा नहीं है।
इंदौर के चोइथराम मंडी, विजय नगर, पालासिया और रजवाड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुबह और शाम यह छिड़काव किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए छिड़काव पारंपरिक तरीके की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और तेज है। अधिकारियों ने बताया कि चीन में भी कई शहरों और गांवों में ड्रोन के जरिए छिड़काव किया गया था।
इंदौर में अभी तक एक भी पॉजीटिव केस नहीं मिला है। हालांकि मध्य प्रदेश में अभी तक चार मामले सामने आ चुके हैं। राज्य के दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मंदिरों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के प्राधिकारियों ने कोरोना वायरस प्रकोप को देखते हुए भक्तों के प्रवेश पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है।
