मप्र में कोरोना का कहर: श्मशानों में नहीं है शव जलाने की जगह, इन शहरों के हालात ज्यादा खराब
मध्यप्रदेश में दिन प्रति दिन कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता ही जा रहा है।प्रदेश में पहली बार रविवार को रिकॉर्ड 5939 नए कोरोना मरीज मिले। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण दर बढ़कर 15 फीसदी हो गई। बीते दस दिन के भीतर मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।
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मध्यप्रदेश में दिन प्रति दिन कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता ही जा रहा है।प्रदेश में पहली बार रविवार को रिकॉर्ड 5939 नए कोरोना मरीज मिले। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण दर बढ़कर 15 फीसदी हो गई। बीते दस दिन के भीतर मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। वहीं कोरोना से हो रही मौतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके चलते श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में हालत बेहद खराब हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना से जुड़ी सभी अपडेट्स यहां देखें...
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार रफ्तार जारी है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सीजन की किल्लत भी बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार दावा कर रही है कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। प्रदेश में सबसे ज्यादा दिक्कत कोरोना मरीजों को लगने वाली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की है। किल्लत के बाद अब शासकीय स्तर पर खरीद की गई है। पहली खेप इंदौर और भोपाल में पहुंच गई है।
इंदौर में अब तक 1005 की गई जान
इंदौर में रविवार को 923 नए मरीज मिले और छह लोगों की मौत हो गई। शहर में अब तक कोरोना से 1005 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, इस आंकड़े की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं। रोज मुक्तिधाम में हो रही अंत्येष्टी और कागजों में दर्ज की जा रही मौतों में अंतर है। श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2020 में शहर में 19,170 मौतें हुईं, जबकि वर्ष 2019 में आंकड़ा 16,250 ही था। यानी 2020 में 2920 मौतें ज्यादा हुईं। इधर, जनवरी से मार्च 2021 के बीच 5 प्रमुख मुक्तिधाम में 2420 अंतिम संस्कार हुए। प्रशासन ने निगम व मुक्तिधाम से आंकड़े जारी करने पर पाबंदी लगा रखी है। सेवादारों के अनुसार, रोज औसत 20 अंत्येष्टि कोविड प्रोटोकॉल से हाे रही है, जबकि रिकॉर्ड में सिर्फ 3 से 5 मौत दिखाईं जा रही हैं।
अंतिम संस्कार के लिए लग रहीं लंबी लाइनें
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में रविवार को एक मरीज की मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुभाष नगर विश्राम घाट पर दो घंटे के अंदर 12 लोगों के शव पहुंचे थे। लोगों को कहना है कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान भी हमलोगों ने ऐसे मंजर नहीं देखे थे। पूछताछ में पता चला कि 12 में से चार लोगों की मौत कोविड की वजह से हुई है। इसी तरह के हालात राज्य के दूसरे जिलों में भी हैं।
ग्वालियर : 515 नए केस मिले, मां-बेटे समेत छह की मौत
ग्वालियर जिले में रविवार को 515 नए मरीज मिले और छह लोगों ने दम तोड़ दिया। 58 वर्षीय विनीत खंडेलवाल की शनिवार रात माैत हो गई। दाेपहर में उनका अंतिम संस्कार कराया गया। इसके बाद सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल में भर्ती उनकी मां 74 वर्षीय हेमलता खंडेलवाल का रविवार शाम निधन हाे गया।
उज्जैन : 50 अंतिम संस्कार, 20 कोविड संदिग्ध
उज्जैन में रविवार को सुबह से शाम तक 50 शवों का दाह संस्कार किया गया, जिनमें से 30 सामान्य व 20 कोविड संदिग्ध थे। चक्रतीर्थ मोक्षधाम के कर्मचारियों ने बताया कि रविवार को 30 शवों का यहां दाह संस्कार हुआ है। त्रिवेणी मोक्षधाम के कर्मचारी ने बताया कि कोरोना संदिग्ध 20 शवों का दाह संस्कार कराया है। रविवार को जिले में 212 नए कोरोना संक्रमित मिले।
जबलपुर : 469 नए केस मिले, चार की मौत
जबलपुर जिले में रविवार को 469 नए मरीज मिले हैं और चार मरीजों की मौत हुई है। यहां सक्रिय केस अब 2656 हो गए हैं। छिंदवाड़ा में रविवार को 34 कोरोना संदिग्ध मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से हुआ। उधर, 96 नए संक्रमित मिले।
दतिया : श्री पीतांबरा पीठ मंदिर अनिश्चितकाल के लिए बंद
कोरोना की दूसरी लहर में लगातार दूसरी साल चैत्र नवरात्र में भी दतिया का पीतांबरा मंदिर बंद रहेगा। रविवार को मंदिर प्रबंधन ने श्री पीतांबरा पीठ को अनिश्चित कालीन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया। रतनगढ़ माता मंदिर के बाद अब श्री पीतांबरा पीठ मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए भी बंद कर दिया गया है। चैत्र नवरात्र में माता के दर्शन नहीं हो सकेंगे। सुबह और शाम के समय होने वाली माता की आरती में सिर्फ पुजारी और वंदना करने वाले लोग ही शामिल होंगे। हालांकि,चैत्र नवरात्र में मंदिर पर बैठकर साधना करने वाले लोगों के प्रवेश को लेकर निर्णय सोमवार को मंदिर प्रबंधन की बैठक में ही होगा।
कोरोना कर्फ्यू लागू
सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन जगहों को लॉक किया गया है, वे लॉकडाउन नहीं है। उन जगहों पर कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है। लॉकडाउन लागू नहीं किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कोरोना कर्फ्यू लागू है। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की तरफ से सख्ती भी बरती जा रही है। बेवजह घरों से निकलने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
