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MP News: मासूम के इलाज में बरती गई लापरवाही, कंज्यूमर कोर्ट ने दो अस्पताल पर लगाया 10 लाख का जुर्माना

Tue, 09 Aug 2022 06:05 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 09 Aug 2022 06:05 PM IST
सार

जनवरी 2015 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत 20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की राशि का आवेदन पेश किया गया था। इस मामले को इंदौर ट्रांसफर कराया गया था जहां जिला उपभोक्ता फोरम ने आदेश पारित किया।

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consumer court imposed a fine of 10 lakhs for negligence the treatment of girl child
मासूम के इलाज में डॉक्टरों ने बरती थी लापरवाही - फोटो : amar ujala

विस्तार

ग्वालियर में करीब नौ साल पहले एक तीन साल की बच्ची के इलाज में लापरवाही करने वाले दो निजी अस्पतालों पर कंज्यूमर कोर्ट ने 10 लाख रुपये का जुर्माना किया है। इनमें मेहरा बाल चिकित्सालय और मैस्कॉट हॉस्पिटल शामिल है। अधिवक्ता मनोज उपाध्याय की तीन साल की बेटी गार्गी को 25 जनवरी 2013 को अनुपम नगर के मेहरा बाल चिकित्सालय में डॉ. डीडी शर्मा द्वारा रेफर किया गया था। गार्गी को निमोनिया की शिकायत थी। मेहरा अस्पताल में डॉक्टर आरके मेहरा एवं डॉक्टर अंशुल मेहरा बच्चों का इलाज करते थे। 
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अधिवक्ता मनोज उपाध्याय का कहना है कि गार्गी को निमोनिया होने के बावजूद मेहरा अस्पताल में 1 घंटे के भीतर 500ml नॉरमल सलाइन की बोतल चढ़ा दी गई थी।स्वास्थ्य बिगड़ने पर आईवी फ्लूड दिया जाता रहा। जिससे गार्गी के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा। अंशुल मेहरा ने भर्ती के 3 घंटे बाद ही वेंटिलेटर की जरूरत बताते हुए मैस्कॉट हॉस्पिटल बच्ची को रेफर कर दिया। जहां गार्गी को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में शैलेंद्र साहू और अवधेश दिवाकर को ड्यूटी डॉक्टर के रूप में तैनात किया गया था, जबकि ये बतौर होम्योपैथिक के डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे थे। डॉक्टर आरके मेहरा द्वारा गार्गी के इलाज की सीट भी बदली गई। अंशुल मेहरा और आरके गोयल के खिलाफ विश्व विद्यालय थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद में 304 धारा को जोड़ दिया गया। मैस्कॉट हॉस्पिटल का लाइसेंस सीएमएचओ द्वारा निरस्त कर दिया गया।
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20 जनवरी 2015 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत 20 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति की राशि का आवेदन पेश किया गया था। इस मामले को इंदौर ट्रांसफर कराया गया था जहां जिला उपभोक्ता फोरम में सत्येंद्र जोशी और कुंदन चौहान सहित साधना शर्मा ने आदेश पारित किया। जिसमें मेहरा अस्पताल पर पांच लाख और मैस्कॉर्ट हॉस्पिटल पर पांच लाख रुपये 1 महीने में देने का आदेश दिया गया हैं।
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