{"_id":"5fa8f5208ebc3e75031145f4","slug":"computer-baba-encroachment-case-second-day-and-digvijay-singh-is-not-meeting-him-in-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंप्यूटर बाबा के अवैध निर्माण पर दूसरे दिन भी कार्रवाई, बाबा से जेल में मिलने नहीं जाएंगे दिग्विजय सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंप्यूटर बाबा के अवैध निर्माण पर दूसरे दिन भी कार्रवाई, बाबा से जेल में मिलने नहीं जाएंगे दिग्विजय सिंह
Mon, 09 Nov 2020 01:22 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:22 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश में कंप्यूटर बाबा द्वारा धार्मिक स्थलों की आड़ में जमीनों पर कथित रूप से अवैध कब्जा जमाने के खिलाफ प्रशासन की मुहिम सोमवार को भी जारी रही। इस मुहिम के तहत कुल 40,000 वर्ग फुट की दो जमीनें अतिक्रमण से मुक्त कराई गईं जिनका मौजूदा बाजार मूल्य 13 करोड़ रुपये आंका जा रहा है।
विज्ञापन
अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजेश राठौड़ ने बताया कि शहर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में एक मंदिर से सटी 20,000 वर्ग फुट जमीन पर कंप्यूटर बाबा के अवैध निर्माण को ढहा दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह निर्माण उस जमीन पर किया गया जो इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की एक योजना में शामिल थी। इस जमीन का मौजूदा बाजार मूल्य लगभग पांच करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
वहीं आज कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा से मिलने जाना था लेकिन उन्होंने भी अपना इंदौर दौरा टाल दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह सोमवार को दिल्ली रवाना हो गए है और किसी बैठक में उन्हें वहां शामिल होना है।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि प्रशासन ने अम्बिकापुरी एक्सटेंशन में श्री दक्षिण काली पीठ त्रिमहाविद्या मंदिर के परिसर में 20,000 वर्ग फुट पर किया गया कंप्यूटर बाबा का अवैध कब्जा हटा दिया है। इस जगह का मौजूदा बाजार मूल्य आठ करोड़ रुपये के आस-पास है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर पर अवैध कब्जा कर कम्प्यूटर बाबा ने अपनी आरामगाह के रूप में पांच कमरे भी बना रखे थे। इन कमरों से कंप्यूटर बाबा का सामान बाहर निकाल कर उनके एक प्रतिनिधि को सौंप दिया गया। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल इन कमरों में कोई तोड़-फोड़ नहीं की गई है और इन्हें अम्बिकापुरी एक्सटेंशन कॉलोनी के रहवासी संघ को रख-रखाव के लिए सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि अम्बिकापुरी एक्सटेंशन में जिस जगह मंदिर बनाया गया, उसे इस कॉलोनी के बरसों पहले स्वीकृत नक्शे में सार्वजनिक बगीचा विकसित करने के लिए छोड़ी गई जमीन बताया गया था लेकिन वहां पहले मंदिर बनाया गया और बाद में कंप्यूटर बाबा ने इस धार्मिक परिसर पर कब्जा कर लिया।
इस बीच, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अजयदेव शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान जिले के अजनोद गांव की 3.125 हेक्टेयर कृषि भूमि की 10लाख रूपए के सौदे की रजिस्ट्री भी जब्त की गई है जिसमें खरीदार के रूप में "नामदेवदास त्यागी उर्फ कम्प्यूटर बाबा" का नाम दर्ज है।
उन्होंने बताया कि इस रजिस्ट्री से स्पष्ट होता है कि कंप्यूटर बाबा खुद के नाम पर भी जमीनों की खरीद-फरोख्त में शामिल थे। हम इस बारे में विस्तृत जांच कर रहे हैं। एडीएम ने बताया कि शहर के गांधी नगर क्षेत्र की एक बैंक शाखा में नामदेवदास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा का असली नाम) के नाम पर खाते के बारे में भी पता चला है। संबंधित बैंक से इस खाते के जरिए गुजरे बरसों में हुए लेन-देन की पूरी जानकारी मांगी गई है।
गौरतलब है कि इंदौर शहर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बने कंप्यूटर बाबा के अवैध आश्रम को जमींदोज किए जाने के साथ ही इस धार्मिक हस्ती समेत सात लोगों को रविवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया था। इस दौरान आश्रम से राइफल और पिस्तौल भी मिली थी।
