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शिवराज कैबिनेट के फैसले: 12 मार्गों पर लगेगा टोल टैक्स, यात्री वाहनों को छूट, पोषण आहार का जिम्मा अब स्वयं सहायता समूहों को
Tue, 28 Sep 2021 10:36 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 28 Sep 2021 10:36 PM IST
सार
मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में टोल टैक्स, पोषण आहार और धान बिक्री को लेकर अहम फैसले किए गए।
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शिवराज सिंह चौहान (फाइल)
- फोटो : twitter.com/ChouhanShivraj
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य के 12 मार्गों पर टोल टैक्स चुकाना होगा। वहीं, यात्री वाहनों को टैक्स में छूट दी गई है। इसके अलावा प्रदेश में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार का काम सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को देने का फैसला किया है। वहीं, कैबिनेट ने प्रदेश में 1250 मीट्रिक टन धान बिक्री की अनुमति भी दे दी।
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अब 12 मार्गों पर टोल टैक्स, यात्री वाहनों को छूट
कैबिनेट ने राज्य के 12 मार्गों पर टोल टैक्स की व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। हालांकि, यह टैक्स केवल व्यावसायिक वाहनों से वसूला जाएगा। यात्री वाहनों को इससे छूट होगी। इनमें भोपाल बैरसिया मार्ग, गंजबसौदा-सिरोंज मार्ग, इंदौर-देपालपुर मार्ग और बुढ़ार-अमरकंटक आदि मार्ग शामिल हैं। इसके लिए कलेक्शन एजेंसी के चयन के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई है। बता दें कि ये सभी मार्ग मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के तहत आते हैं।
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1250 मीट्रिक टन धान की बिक्री को दी अनुमति
इस बैठक में 1250 मीट्रिक टन धान की बिक्री को भी अनुमति दे दी गई। छह लाख 45 हजार टन गेहूं की नीलामी के बाद अब धान की नीलामी भी की जाएगी। माना जा रहा है कि नीलामी में प्रति कुंतल धान की कीमत 1400 रुपये से 1800 रुपये तक जा सकती है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से अनुमति मिलने के बाद अब खाद्य विभाग नीलामी प्रक्रिया को शुरू करने के लिए तैयारी में लग गया है। राज्य सरकार इसे किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
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स्वयं सहायता समूहों को पोषण आहार का जिम्मा
इसके साथ ही कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पोषण आहार के वितरण का काम अब स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा। इसके तहत पोषण आहार तैयार करने वाले सात प्लांट का संचालन एमपी एग्रो से लेकर स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे लेकर कहा कि कांग्रेस की सरकार ने यह काम ठेकेदारों को दिया था, लेकिन हमने एक बार फिर से यह काम महिलाओं के हाथों में सौंप दिया है, ताकि वह सशक्त बन सकें।
