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MP: छिंदवाड़ा के बहुचर्चित कफ सिरप मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दो आरोपियों को मिली जमानत

Tue, 30 Jun 2026 06:15 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Tue, 30 Jun 2026 06:15 PM IST
सार

छिंदवाड़ा के बहुचर्चित परासिया कफ सिरप कांड में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा और शैलेश पांड्या को जमानत दे दी। दोनों करीब आठ महीने से जेल में थे। इससे पहले उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं।

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Two people released in Chhindwara toxic cough syrup case.
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित परासिया कफ सिरप कांड में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जहरीले कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी बनाए गए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा और उनके साथी शैलेश पांड्या को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। इससे पहले दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। लंबे समय से जेल में बंद दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई के आदेश जारी किए हैं।

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महीनों बाद मिली राहत
पुलिस ने इस मामले में सतीश वर्मा और शैलेश पांड्या को 26 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। तब से दोनों करीब आठ महीने से जेल में बंद थे। निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। इस फैसले से आरोपियों के परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
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क्या है परासिया कफ सिरप कांड?
यह मामला छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से जुड़ा है। जहरीले कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने परासिया सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध और अवैध कफ सिरप बरामद किया था। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में दवा कारोबार और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

पुलिस ने किया था बड़े नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि यह मामला केवल अवैध दवा बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जांच के आधार पर डॉक्टरों, दवा विक्रेताओं, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कथित रूप से जहरीला कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर, संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक और सिरप बनाने वाली कंपनी का संचालक भी शामिल है। मामले की जांच अभी भी जारी है।

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