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MP News: वक्फ बोर्ड पूरी तरह खत्म हो, बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन, शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती बोले

Fri, 18 Apr 2025 08:21 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 18 Apr 2025 08:21 PM IST
सार

 शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि वक्फ बोर्ड पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। यह संस्था भारत के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था तब उसमें वक्फ बोर्ड जैसी किसी संस्था का उल्लेख तक नहीं किया गया था।

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Shankaracharya Swami Sadanand Saraswati's big statement on Waqf Board and West Bengal violence
वक्फ बोर्ड और बंगाल हिंसा पर भड़के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने देश के दो संवेदनशील मुद्दों वक्फ बोर्ड और पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था को असंवैधानिक बताया। साथ ही बंगाल की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।  

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संविधान में वक्फ बोर्ड का उल्लेख नहीं, इसे खत्म किया जाए
वक्फ बोर्ड को लेकर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि वक्फ बोर्ड पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। यह संस्था भारत के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था तब उसमें वक्फ बोर्ड जैसी किसी संस्था का उल्लेख तक नहीं किया गया था। वक्फ बोर्ड का अस्तित्व ही इस देश की बहुसंख्यक जनता की संपत्ति हड़पने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है। शंकराचार्य ने कहा- धर्मनिरपेक्षता की आड़ में एक समुदाय को विशेष अधिकार देना संविधान की आत्मा के खिलाफ है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और कर्तव्य देता है, इसलिए किसी भी धार्मिक संस्था को कानूनी रूप से इतनी शक्तियां नहीं दी जानी चाहिए कि वह आम नागरिकों की संपत्तियों पर दावा करे।

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पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करे सरकार
पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में हुई हिंसा को लेकर भी शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने नाराजगी जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। शंकराचार्य ने कहा कि बंगाल में जो घटनाएं हो रही हैं, वह केवल एक राज्य का मुद्दा नहीं रह गया। यह देश की एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रदेश की स्थिति नियंत्रण से बाहर है, केंद्र सरकार को वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए।  


 
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