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Chhindwara: नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाला अब भुगतेगा आजीवन कारावास, मारकर बोरी में छिपा दिया था
Thu, 07 Nov 2024 09:30 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 09:30 PM IST
सार
नाबालिग से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने पहले नाबालिग को हवस का शिकार बनाया फिर उसे कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर छिपा दिया था।
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file photo
विस्तार
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव के अपर सत्र न्यायालय ने एक जघन्य सनसनीखेज मामले में नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने और शव को छिपाने के आरोपी सुखनंदन उर्फ सोनू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5 (एम)/6, 5 (एन)/6 में शेष प्राकृत जीवनकाल तक और 10,000-10,000 रुपये, धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 10,000 रुपये, धारा 201 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। घटना के अनुसार, आरोपी पीडिता का रिश्तेदार था और उसके घर महमानी करने आया था। 5 मार्च को पीड़िता की मां ने उसे स्कूल जाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं गई और खेलने चली गई।
खेलकर वापस आने पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर छिपा दिया। पीड़िता के माता-पिता ने घटना की सूचना पुलिस को दी और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई और पीड़िता के माता-पिता को दो लाख रुपये प्रतिकर देने के लिए विधिक सहायता प्राधिकरण को आदेशित किया।
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आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5 (एम)/6, 5 (एन)/6 में शेष प्राकृत जीवनकाल तक और 10,000-10,000 रुपये, धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 10,000 रुपये, धारा 201 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। घटना के अनुसार, आरोपी पीडिता का रिश्तेदार था और उसके घर महमानी करने आया था। 5 मार्च को पीड़िता की मां ने उसे स्कूल जाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं गई और खेलने चली गई।
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खेलकर वापस आने पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर छिपा दिया। पीड़िता के माता-पिता ने घटना की सूचना पुलिस को दी और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई और पीड़िता के माता-पिता को दो लाख रुपये प्रतिकर देने के लिए विधिक सहायता प्राधिकरण को आदेशित किया।
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