MP LS Election 2024: छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से नकुलनाथ ने किया नामांकन, कमलनाथ भी रहे साथ, अटकलों पर लगा विराम
Chhindwara Lok Sabha Seat: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नकुलनाथ ने नामांकन किया है। इस दौरान उनके परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। नामांकन के बाद छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने बड़ी रैली की है। कमलनाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है।
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छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद अलकानाथ शामिल थीं। नामांकन के बाद छिंदवाड़ा में रैली हुई, जिसको प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया।
मानसरोवर में सभा में नकुलनाथ ने कहा, नाथ परिवार और छिंदवाड़ा के लोगों का राजनीतिक नहीं, पारिवारिक संबंध है। जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार हमें ताली और थाली बजाने का काम दे रही थी, तब छिंदवाड़ा पूरे मध्यप्रदेश और देश में एक ऐसा जिला था, जहां ऑक्सीजन सिलेंडर और इंजेक्शन की कमी नहीं थी।
आज नामांकन पर छिंदवाड़ा छोटी बाजार स्थित राम मंदिर पहुंचकर प्रभु श्री राम जी का आशीर्वाद प्राप्त किया ।
— Nakul Kamal Nath (@NakulKNath) March 26, 2024
जय सियाराम 🙏 pic.twitter.com/rhgG6yPup4
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, छिंदवाड़ा की अलग पहचान है। आप दुनिया में जहां जाएं, वहां सीना ठोककर कह सकते हैं कि छिंदवाड़ा से आए हैं। मैंने मेरी पूरी जवानी यहां लगा दी, जिस पातालकोट में लोगों को आटा नहीं मिलता था। लोग सीमित कपड़े पहनते थे, अब वे जींस-टीशर्ट में घूमते हैं। नौजवानों ने वो पुराना पातालकोट नहीं देखा। कमलनाथ ने याद दिलाया कि किस तरह साल 1980 में छिंदवाड़ा में सड़क नाम की चीज नहीं थी और जब वे जीप से गांवों का दौरा करते थे तो डेढ़ किलो धूल उनके कपड़ों पर आ जाती थी। छिंदवाड़ा के दो हजार से अधिक गांवों में सिर्फ़ 400 गांव में बिजली थी। आज छिंदवाड़ा की पहचान विकास के मॉडल से हुई है। इस विकास के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है और छिंदवाड़ा के विकास में इस तरह डूबे के अपने स्वास्थ्य और परिवार तक पर ध्यान नहीं दिया।
नकुलनाथ की नामांकन रैली के बाद मानसरोवर में सभा में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, 'नेता नहीं, अब तो सिंधिया गद्दार हो गए हैं। जब मैंने बात की सिंधिया से कि आप क्या चाहते हो? बोले- मैं लोकसभा चुनाव हार गया, मेरे से 27 नंबर की कोठी छीन ली जाएगी, मैं कहां रहूंगा?सिंघार ने कहा, 'एक कोठी के कारण आपने कांग्रेस को धोखा दे दिया। झांसी के लोग ग्वालियर के महाराज को आज भी गद्दार कहते हैं। मुझे भी खरीदने की कोशिश की गई, 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर आया, लेकिन मैं सच्चा आदिवासी हूं, कांग्रेस को नहीं छोड़ा।'
छिंदवाड़ा के हृदय स्थल बड़ी माता मंदिर पहुँचकर पूजा अर्चना की एवं नामांकन पर देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया ।
— Nakul Kamal Nath (@NakulKNath) March 26, 2024
जय माता दी 🙏 pic.twitter.com/d86LxJ4HG1
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, भाजपा प्रत्याशी के चरित्र की भावना और उनके कारनामों को पूरा छिंदवाड़ा जानता है। भाजपा ने कुछ समय पहले अफवाहें उड़ाईं। तब मुझे कमलनाथ ने कहा था कि ये मीडिया की कॉन्स्पिरेसी है। उन्हें बताओ कि मैं इंदिरा गांधी का तीसरा पुत्र हूं। गांधी परिवार का साथ छोड़ नहीं सकता।'
पटवारी ने कहा, जो लोग कमलनाथ के कंधों पर बैठकर, कांग्रेस से ताकत लेकर भाजपा में गए हैं, वे दो-तीन दिन के हैं। हमारी कांग्रेस के एक बहुत बड़े नेता, उनका नाम नहीं लूंगा, पहले दिन अखबारों में फ्रंट पेज पर और तीसरे दिन पीछे खड़े थे कि मेरा फोटो आ जाए।'
आज आप सभी परिवारजनों के स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचकर छिन्दवाड़ा लोकसभा क्रमांक 16 से नामांकन दाखिल किया ।
— Nakul Kamal Nath (@NakulKNath) March 26, 2024
कुछ ही क्षणों में आपका आशीर्वाद प्राप्त करने रैली के माध्यम से आप सभी के बीच पहुँच रहा हूँ । pic.twitter.com/xIxnjn36On
नामांकन दाखिल करने से पहले नकुलनाथ ने शिकारपुर के हनुमान मंदिर में दर्शन किए। पत्नी प्रियानाथ, पिता कमलनाथ और मां अलकानाथ भी साथ रहे। नामांकन रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे साथ रहे। इसके बाद उन्होंने रैली और फिर मानसरोवर पहुंचकर सभा की।
खाली रह गई दीपक सक्सेना की कुर्सी
नामांकन रैली में पूर्व प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने एक दिन पहले शामिल होने की बात कही थी। लेकिन नामांकन रैली में वहां गायब रहे। यहां तक कि बाकायदा मंच पर उनके नाम की पर्ची लगी कुर्सी लगाई गई थी, लेकिन वह खाली रही, जो सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जीतू पटवारी बीच रास्ते से हुए रैली में शामिल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी नकुलनाथ के नामांकन में छिंदवाड़ा पहुंचे थे, वह बीच रास्ते से रैली में शामिल हुए। इस दौरान एक अजब नजारा देखने को मिला। दरअसल, जैसे ही जीतू पटवारी रथ पर सवार हुए। उन्होंने नकुलनाथ के गले में हाथ डाल दिया। लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ से उनकी कोई बात नहीं हुई, इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चलती रही।
मंच पर जीतू पटवारी ने कमलनाथ के लिए ताली बजवाई
मंच पर जैसे ही जीतू पटवारी संबोधन देने के लिए चढ़े। उन्होंने शुरू में कमलनाथ के लिए ताली जरूर बजवाई। लेकिन आपको बता दें कि उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कुछ नेताओं का न तो नाम लिया और न ही कमलनाथ का कोई उल्लेख किया। हालांकि, बाद में उन्होंने कमलनाथ को लेकर जमकर कसीदे पढ़े।
