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Chhatarpur News: बच्चे ने निगल ली थी सीटी, श्वास नली में फंसी और मुंह से आने लगा खून, मशक्कत के बाद निकाली

Tue, 18 Feb 2025 11:59 AM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Tue, 18 Feb 2025 11:59 AM IST
सार

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल में दो बच्चों की जान बचाई गई। एक के गले में प्लास्टिक की सीटी और दूसरे के गले में पांच रुपये का सिक्का फंस गया था। डॉक्टर मनोज चौधरी ने सफल उपचार कर दोनों बच्चों को बचाया। 

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The child had swallowed the whistle, it got stuck in the windpipe and blood started coming out of his mouth
बच्चे के गले में फंसा सिक्का और दूसरे बच्चे के गले निकली सीटी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल में दो बच्चों की जान बचाई गई है। एक के गले में सीटी फंस गई थी तो दूसरे के गले में पांच रुपये का सिक्का। दोनों बच्चों की हालत नाजुक थी, डॉक्टरों ने बड़ी मशक्कत के बाद सीटी निकाली और बच्चे की जान बचाई। 
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जानकारी के अनुसार महाराजपुर क्षेत्र के ग्राम सिमरधा निवासी सरदेव पटेल के डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रथम पटेल ने खेलते वक्त प्लास्टिक की सीटी गटक ली, जो उसकी श्वास नली में जाकर फंस गई। बच्चे को गंभीर हालत में उसके माता-पिता जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉ. मनोज चौधरी ने उसका परीक्षण किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और उसके मुंह से खून आने लगा था जिस कारण से परिजन चिंताग्रस्त थे। उन्होंने तुरंत बच्चे का उपचार शुरू किया और जल्द ही उसके गले में फंसी प्लास्टिक की सीटी को बाहर निकाल लिया गया।
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उन्होंने बताया कि सीटी निकलने के बाद बच्ची की हालत में लगातार सुधार आ रहा है, जल्द ही वह वह पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी। दूसरा मामला जिला मुख्यालय के दूरस्थ अंचल खैरों का है, जहां के रहने वाले हरिश्चंद्र राजपूत की साढे तीन वर्षीय पुत्री रीता ने खेलते वक्त पांच रुपए का सिक्का निगल लिया और यह सिक्का उसके गले में जाकर अटक गया था। बच्ची लगातार दर्द से रो रही थी और कुछ खा-पी भी नहीं पा रही थी। परिजन बड़ी मशक्कत के बाद उसे जिला अस्पताल ला पाए, जहां पर डॉ. मनोज चौधरी ने बच्ची के गले में फंसे सिक्के को बाहर निकाल दिया।
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उल्लेखनीय है कि डॉ. मनोज चौधरी ने पिछले 3 में तीन सैकड़ा से अधिक बच्चों के गले में फंसे सिक्के सहित अलग-अलग वस्तुओं को बाहर निकालकर उनकी जान बचाने का सराहनीय काम किया है, जिसके लिए उन्हें विभिन्न सम्मान भी मिल चुके हैं।

 

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