{"_id":"63fb5b218d9ea022fa0e2914","slug":"mp-news-a-three-year-old-girl-fell-into-a-borewell-while-playing-in-chhatarpur-2023-02-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"MP News: छतरपुर में तीन साल की बच्ची खेलते-खेलते बोरवेल में गिरी, चार घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: छतरपुर में तीन साल की बच्ची खेलते-खेलते बोरवेल में गिरी, चार घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला
Sun, 26 Feb 2023 09:42 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 26 Feb 2023 09:42 PM IST
सार
छतरपुर में 3 साल की बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई. छतरपुर जिले के बिजावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ललगुवां पाली में यहा हादसा हुआ, बच्ची का नाम नैनसी विश्वकर्मा है। चार घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित निकाल लिया गया है। सीएम शिवराज ने टीम को बधाई दी है।
विज्ञापन
छतरपुर जिले में तीन साल की बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक बार फिर खुले बोरवेल में बच्ची गिरने का मामला सामने आया है। तीन साल की बच्ची खेलते-खेलते 30 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई है। घटना शाम पांच के आसपास की बताई जा रही है। जानकारी लगते ही प्रशासन की टीम पहुंच गई है। पांच घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया है। जानकारी के अनुसार मामला बिजावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ललगुवां (पाली) का है। तीन वर्षीय बच्ची खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गई। बच्ची का नाम नैंसी विश्वकर्मा है।
विज्ञापन
बच्ची को बचाने के लिए बोरवेल के पास ही गड्ढा खोदा गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस का कहना है कि छतरपुर जिले के थाना बिजावर में तीन साल की बच्ची नैंसी विश्वकर्मा बोरवेल के खुले गड्ढे में गिर गई है। सूचना मिलते ही बचाव के लिए संसाधन जुटाए गए। बच्ची के पिता का नाम रवि विश्वकर्मा और माता का नाम रोहणी विश्वकर्मा बताया गया है। जिस खेत में बोरवेल वो लटोरिया जी का बताया जा रहा है।
कैसे गिरी बच्ची
बताया जा रहा है कि गांव के लटोरिया परिवार की खेती की जमीन पर इसी गांव के रवि विश्वकर्मा और उसकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा अन्य मजदूरों के साथ मजदूरी कर मटर बीन रहे थे। समीप ही उसकी छोटी बेटी नैंसी विश्वकर्मा (3) खेल रही थी। वहीं पर एक बोर था। जो चारे आदि से ढंका हुआ था। नैंसी इसी बोर के पास लगे रेत के ढेर पर खेलते-खेलते बोर में गिर गई। थोड़ी देर बाद जब बच्ची नहीं दिखी तो परिजनों ने खोजबीन की। उन्हें बोरबेल से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी जिसके बाद रवि विश्वकर्मा एवं गांव के लोगों स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
कैसे गिरी बच्ची
बताया जा रहा है कि गांव के लटोरिया परिवार की खेती की जमीन पर इसी गांव के रवि विश्वकर्मा और उसकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा अन्य मजदूरों के साथ मजदूरी कर मटर बीन रहे थे। समीप ही उसकी छोटी बेटी नैंसी विश्वकर्मा (3) खेल रही थी। वहीं पर एक बोर था। जो चारे आदि से ढंका हुआ था। नैंसी इसी बोर के पास लगे रेत के ढेर पर खेलते-खेलते बोर में गिर गई। थोड़ी देर बाद जब बच्ची नहीं दिखी तो परिजनों ने खोजबीन की। उन्हें बोरबेल से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी जिसके बाद रवि विश्वकर्मा एवं गांव के लोगों स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्ची के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
परिजनों से बात करती रही
एसडीएम राहुल सिलाडिया, एसडीओपी रघु केसरी सहित आधा दर्जन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके अलावा चार जेसीबी मशीन, दो एंबुलेंस ,आधा दर्जन ट्रैक्टर आदि मशीनी उपकरणों से बोर के पैरालल गड्ढा खोदा गया। नैंसी करीब 30 फुट गहरे फंसी हुई थी, वह अपने परिजनों से बात कर रही थी। मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथी बोर में कैमरा डालने की व्यवस्था की गई। चार घंटे की कोशिश सफल रही और बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा पूरे समय मौके पर रहे।
सीएम ने दी बधाई
बच्ची के सुरक्षित निकलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत खुशी की बात है कि छतरपुर जिले के ललगुवां गांव में बोरवेल में गिरी बेटी को सकुशल निकाल लिया गया है। इसमें सहयोग करने वाले जिला प्रशासन के सभी साथियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। बेटी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। बेटी शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हो, यही प्रार्थना करता हूं। सीएम ने बच्ची के परिजनों से भी बात की।
एसडीएम राहुल सिलाडिया, एसडीओपी रघु केसरी सहित आधा दर्जन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके अलावा चार जेसीबी मशीन, दो एंबुलेंस ,आधा दर्जन ट्रैक्टर आदि मशीनी उपकरणों से बोर के पैरालल गड्ढा खोदा गया। नैंसी करीब 30 फुट गहरे फंसी हुई थी, वह अपने परिजनों से बात कर रही थी। मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथी बोर में कैमरा डालने की व्यवस्था की गई। चार घंटे की कोशिश सफल रही और बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा पूरे समय मौके पर रहे।
सीएम ने दी बधाई
बच्ची के सुरक्षित निकलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत खुशी की बात है कि छतरपुर जिले के ललगुवां गांव में बोरवेल में गिरी बेटी को सकुशल निकाल लिया गया है। इसमें सहयोग करने वाले जिला प्रशासन के सभी साथियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। बेटी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। बेटी शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हो, यही प्रार्थना करता हूं। सीएम ने बच्ची के परिजनों से भी बात की।
बोरवेल के पास गड्ढा खोदा गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
कुछ महीनो पहले ही हुआ था हादसा
कुछ महीनों पहले ही छतरपुर जिले के नारायणपुरा गांव में 5 साल का जितेंद्र यादव खुले बोरवेल में जा गिरा था काफी मशक्कत के बाद आखिरकार जितेंद्र को बचा लिया गया था। इसके बाद छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने सख्त आदेश दिए थे कि अगर कोई भी बोरवेल खुला पाया गया तो संबंधित क्षेत्र के पटवारी एवं जिसके यहां बोरवेल है उस पर 304 A यानी गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। लेकिन एक बार फिर मामले में जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
कुछ महीनों पहले ही छतरपुर जिले के नारायणपुरा गांव में 5 साल का जितेंद्र यादव खुले बोरवेल में जा गिरा था काफी मशक्कत के बाद आखिरकार जितेंद्र को बचा लिया गया था। इसके बाद छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने सख्त आदेश दिए थे कि अगर कोई भी बोरवेल खुला पाया गया तो संबंधित क्षेत्र के पटवारी एवं जिसके यहां बोरवेल है उस पर 304 A यानी गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। लेकिन एक बार फिर मामले में जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
