Chhatarpur: खराब फसलें हाथ में लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे किसान, विद्युत विभाग की तानाशाही से हैं परेशान
किसानों ने बताया कि पैसे लेने के बाद विभाग ने पूरे गांव की बिजली काट दी। जब उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से बात की तो उन्हें बताया गया कि गांव के कुछ लोगों ने बिजली बिल जमा नहीं किया है, इसलिए पूरे गांव की बिजली काट दी गई है।
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छतरपुर: मंगलवार को जनसुनवाई में गढ़ीमलहरा क्षेत्र के ग्राम कलानी के किसानों ने आवेदन देते हुए विद्युत विभाग की तानाशाही से परेशान होने की बात कही। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेतों की सिंचाई के लिए विद्युत मोटर चलाने हेतु आवश्यक राशि साढ़े 8 हजार रुपए विभागीय कार्यालय में नियमानुसार जमा कर दिए हैं, जबकि जिले के अन्य इलाकों में किसानों से साढ़े 6 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें रसीद नहीं दी गई और बिजली की आपूर्ति भी बंद कर दी गई।
किसानों ने बताया कि पैसे लेने के बाद विभाग ने पूरे गांव की बिजली काट दी। जब उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से बात की तो उन्हें बताया गया कि गांव के कुछ लोगों ने बिजली बिल जमा नहीं किया है, इसलिए पूरे गांव की बिजली काट दी गई है। किसानों का कहना है कि विभाग के अधिकारी उनसे बिल जमा न करने वालों से पैसे वसूलने के लिए कह रहे हैं, जबकि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
बिजली न मिलने के कारण उनकी फसलें नष्ट हो रही हैं। इसी समस्या को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे किसान अपने साथ खराब फसलें भी लाए थे। उन्होंने कलेक्टर को आवेदन देकर गांव की खेतों वाली विद्युत लाइन को चालू कराने की मांग की है।
