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Chhatarpur: बच्चों के स्कूल बैग को तकिया बनाकर आराम फरमा रहे शिक्षक का वीडियो वायरल, DEO ने दिए जांच के आदेश
Fri, 14 Jul 2023 12:43 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:43 PM IST
सार
छतरपुर के लवकुशनगर की बजौरा प्राथमिक शाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक बच्चों के स्कूल बैग को तकिया बनाकर क्लास रुम में आराम फरमाते नजर आ रहा है।
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क्लास में सोते शिक्षक का वीडियो वायरल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र की एक प्राथमिक शाला से प्रधानाध्यापक का बच्चों के स्कूल बैग को तकिया बनाकर सोते हुए वीडियो सामने आया है। जिस समय प्रधान अध्यापक आराम कर रहा था, इसी दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया जो कि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला सामने आने के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो लवकुशनगर विकासखण्ड की प्राथमिक शाला बजौरा का है। वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार अरजरिया एक बच्चे के स्कूल बैग को तकिया बनाकर फट्टी पर आराम फरमा रहे हैं और कक्षा के बच्चे लापता हैं। वहीं विद्यालय की अन्य कक्षाओं के बच्चे भी शाला के बाहर शोर-गुल मचाते हुए खेलने में व्यस्त हैं।
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ग्रामीणों द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर संदीप जी आर सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार ग्रामीण अंचलों की शालाओं का औचक निरीक्षण कर शिक्षण कार्य को ठीक ढंग से करने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन उनके गांव की शाला के शिक्षकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है। वे विद्यालय सिर्फ खानापूर्ति के लिए आते हैं। विद्यालय आने के बाद ज्यादातर शिक्षक या तो इसी तरह से आराम फरमाते हैं, या फिर अपने मोबाइलों में व्यस्त रहते हैं। गांव की शाला में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा का स्तर निम्न है, उन्हें मामूली से सवालों के जवाब भी नहीं आते हैं। हालांकि इन दिनों डीपीसी सहित लवकुशनगर बीआरसी द्वारा लगातार शालाओं का औचक निरीक्षण कर लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए ठीक ढंग से शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी एमके कौटार्य का कहना है कि लवकुशनगर क्षेत्र के प्राथमिक शाला बजौरा में शिक्षक के सोने का वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जिसकी जांच के निर्देश संकुल प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी शिक्षक को विद्यालय में सोना नहीं चाहिए। हम लगातार शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने और निर्धारित समय में अध्यापन कार्य कराने के निर्देश दे रहे हैं।
जहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ लापरवाह शिक्षकों की लचर कार्यशैली के चलते अधिकारियों की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। बता दें, बीते दिनों शराब पीकर शिक्षक द्वारा शराब की बॉटल लिए फोटो वायरल हुई थी, जिसमें कार्रवाई कर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था।
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जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो लवकुशनगर विकासखण्ड की प्राथमिक शाला बजौरा का है। वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार अरजरिया एक बच्चे के स्कूल बैग को तकिया बनाकर फट्टी पर आराम फरमा रहे हैं और कक्षा के बच्चे लापता हैं। वहीं विद्यालय की अन्य कक्षाओं के बच्चे भी शाला के बाहर शोर-गुल मचाते हुए खेलने में व्यस्त हैं।
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ग्रामीणों द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर संदीप जी आर सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार ग्रामीण अंचलों की शालाओं का औचक निरीक्षण कर शिक्षण कार्य को ठीक ढंग से करने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन उनके गांव की शाला के शिक्षकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है। वे विद्यालय सिर्फ खानापूर्ति के लिए आते हैं। विद्यालय आने के बाद ज्यादातर शिक्षक या तो इसी तरह से आराम फरमाते हैं, या फिर अपने मोबाइलों में व्यस्त रहते हैं। गांव की शाला में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा का स्तर निम्न है, उन्हें मामूली से सवालों के जवाब भी नहीं आते हैं। हालांकि इन दिनों डीपीसी सहित लवकुशनगर बीआरसी द्वारा लगातार शालाओं का औचक निरीक्षण कर लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए ठीक ढंग से शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी एमके कौटार्य का कहना है कि लवकुशनगर क्षेत्र के प्राथमिक शाला बजौरा में शिक्षक के सोने का वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जिसकी जांच के निर्देश संकुल प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी शिक्षक को विद्यालय में सोना नहीं चाहिए। हम लगातार शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने और निर्धारित समय में अध्यापन कार्य कराने के निर्देश दे रहे हैं।
जहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ लापरवाह शिक्षकों की लचर कार्यशैली के चलते अधिकारियों की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। बता दें, बीते दिनों शराब पीकर शिक्षक द्वारा शराब की बॉटल लिए फोटो वायरल हुई थी, जिसमें कार्रवाई कर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था।
