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Chhatarpur: बालू भरते समय धंसी खदान, दो लोग दबे, संघर्ष के बाद एक को ही जिंदा बचा पाए
Wed, 20 Nov 2024 06:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 20 Nov 2024 06:58 PM IST
सार
ग्राम बरमा निवासी लुन्दी पटेल अपने ट्रैक्टर पर गांव के हरिओम रैकवार, गन्ना पटेल और धर्मेन्द्र सपेरा को बैठाकर बालू भरने के लिए पास की एक बालू खदान पर गया था। बालू भरने के दौरान अचानक खदान धंस गई और लुन्दी पटेल तथा धर्मेन्द्र सपेरा बालू के नीचे दब गए। धर्मेंद की मौत हो गई।
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छतरपुर में खदान धंस गई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के ग्राम बरमा में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे बालू की एक खदान धंस गई। इसकी चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजन दोनों को अस्पताल लेकर आए थे, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित करते हुए दूसरे युवक का इलाज शुरू किया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम बरमा निवासी लुन्दी पटेल अपने ट्रैक्टर पर गांव के हरिओम रैकवार, गन्ना पटेल और धर्मेन्द्र सपेरा को बैठाकर बालू भरने के लिए पास की एक बालू खदान पर गया था। बालू भरने के दौरान अचानक खदान धंस गई और लुन्दी पटेल तथा धर्मेन्द्र सपेरा बालू के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद हरिओम रैकवार और गन्ना पटेल ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को सीधे छतरपुर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। निजी अस्प्ताल में चिकित्सकों ने धर्मेन्द सपेरा को मृत घोषित कर दिया, जबकि लुन्दी पटेल की हालत गंभीर बताकर इलाज करने से इंकार कर दिया, जिसके बाद दोनों को जिला अस्पताल लाया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने धर्मेन्द्र सपेरा की मौत की पुष्टि करते हुए घायल लुन्दी पटेल का इलाज शुरू किया है। चूंकि जिला अस्पताल में चिकित्सक द्वारा मृतक की एमएलसी रिपोर्ट में डूबने से मौत होने का जिक्र कर दिया गया था इसलिए परिजन नाराज हो गए और पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इंकार कर दिया। शव लिए बिना परिजन सीधे सटई थाना पहुंच गए जहां थाना प्रभारी दीपक यादव ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद परिजन वापिस छतरपुर आए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम बरमा निवासी लुन्दी पटेल अपने ट्रैक्टर पर गांव के हरिओम रैकवार, गन्ना पटेल और धर्मेन्द्र सपेरा को बैठाकर बालू भरने के लिए पास की एक बालू खदान पर गया था। बालू भरने के दौरान अचानक खदान धंस गई और लुन्दी पटेल तथा धर्मेन्द्र सपेरा बालू के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद हरिओम रैकवार और गन्ना पटेल ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को सीधे छतरपुर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। निजी अस्प्ताल में चिकित्सकों ने धर्मेन्द सपेरा को मृत घोषित कर दिया, जबकि लुन्दी पटेल की हालत गंभीर बताकर इलाज करने से इंकार कर दिया, जिसके बाद दोनों को जिला अस्पताल लाया गया।
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जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने धर्मेन्द्र सपेरा की मौत की पुष्टि करते हुए घायल लुन्दी पटेल का इलाज शुरू किया है। चूंकि जिला अस्पताल में चिकित्सक द्वारा मृतक की एमएलसी रिपोर्ट में डूबने से मौत होने का जिक्र कर दिया गया था इसलिए परिजन नाराज हो गए और पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इंकार कर दिया। शव लिए बिना परिजन सीधे सटई थाना पहुंच गए जहां थाना प्रभारी दीपक यादव ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद परिजन वापिस छतरपुर आए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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