फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhatarpur News ›   Bribe taker Patwari sentenced to five years imprisonment and 20 thousand fine

MP News: रिश्वतखोर पटवारी को पांच वर्ष कारावास और 20 हजार जुर्माने की सजा, सीमांकन के एवज में मांगी थी रिश्वत

Wed, 01 Mar 2023 01:15 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 01 Mar 2023 01:15 PM IST
सार

प्लॉट के सीमांकन के एवज में पटवारी गौरीशंकर पाठक ने पांच हजार रुपये की रिश्वत ली थी, जिसके लिए उन्हें पांच वर्ष की कठोर कैद तथा 20 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
 

विज्ञापन
Bribe taker Patwari sentenced to five years imprisonment and 20 thousand fine
रिश्वतखोर पटवारी को पांच साल की जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छतरपुर में विशेष न्यायाधीश सुधांशु सिन्हा की कोर्ट ने रिश्वतखोर पटवारी गौरीशंकर पाठक को पांच वर्ष के कठोर कैद की सजा से दंडित किया है। बताया जा रहा है कि प्लॉट के सीमांकन के एवज में पटवारी ने पांच हजार रुपये की रिश्वत ली थी, जिसके लिए उन्हें पांच वर्ष की कठोर कैद तथा 20 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन


एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि फरियादी विजय कुमार अवस्थी ने 6 जून 2015 को लोकायुक्त पुलिस सागर को इस आशय की शिकायत की थी कि राजनगर में स्थित प्लॉट के सीमांकन करने के एवज में पटवारी गौरीशंकर पाठक उससे 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। लोकायुक्त पुलिस ने विजय अवस्थी को वॉयस रिकॉर्डर देकर पटवारी की रिश्वत मांग संबंधी बातों को रिकॉर्ड कराया, बातचीत के दौरान आरोपी गौरीशंकर पाठक ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेने की बात की। 12 जून को ट्रेप दल लोकायुक्त सागर से रवाना होकर राजनगर पहुंचा, जहां पर फरियादी ने आरोपी से फोन पर संपर्क किया तो आरोपी ने फरियादी को राजस्व निरीक्षक कार्यालय राजनगर में बुलाया, फरियादी राजस्व निरीक्षक कार्यालय के अंदर गया और आरोपी को पांच हजार रुपये रिश्वत देकर ट्रेप दल को इशारा किया। ट्रेप दल ने अंदर जाकर आरोपी पटवारी गौरीशंकर पाठक को रंगे हाथों पकड़ा। संपूर्ण विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया।
विज्ञापन


अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एडीपीओ केके  गौतम ने पैरवी करते हुए सभी सबूत एवं गवाह कोर्ट में पेश किये एवं आरोपी को कठोर से कठोर सजा की मांग की। विशेष न्यायाधीश सुधांशु सिंहा की कोर्ट ने फैसला सुनाया कि लोक सेवकों द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना एक विकराल समस्या हो गई है। जो समाज को खोखला कर रही है। भ्रष्टाचार लोकतंत्र और विधि के शासन की नींव को हिला रहा है। ऐसे आरोपियों को सजा देते समय नरम रुख दिखाना कानून की मंशा के विपरीत है और भ्रष्टाचार के प्रति कठोर रुख अपनाया जाना समय की मांग है। कोर्ट ने आरोपी पटवारी गौरीशंकर पाठक को भ्रष्टचार अधिनियम की धारा-7 में चार वर्ष  कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माना, तथा धारा 13 (1)(डी) में पांच वर्ष की कठोर कैद व 10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed