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Bageshwar Dham: गुरूपूर्णिमा के अवसर पर लाखों लोग पहुंचेंगे बागेश्वर धाम, धीरेन्द्र शास्त्री से लेंगे दीक्षा
Mon, 03 Jul 2023 10:37 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 03 Jul 2023 10:37 AM IST
सार
बागेश्वर धाम में चल रहे पांच दिवसीय गुरूपूर्णिमा महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग सोमवार सुबह गुरू पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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बागेश्वर धाम में पहुंच रहे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लाखों लोगों की आस्था के केन्द्र सिद्धक्षेत्र बागेश्वर धाम में पांच दिवसीय गुरूपूर्णिमा महोत्सव आयोजित हो रहा है। सोमवार को गुरूपूर्णिमा होने के कारण धाम में विशेष व्यवस्था की गई है। सुबह गुरूपूजन होगा इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिष्य अपने गुरूजी का दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। गुरू पूर्णिमा महोत्सव के पहले दिन हजारों लोगों ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की शरणागति ली। वहीं, नवचण्डी यज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहूतियां दी गईं। शाम को कथा मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत चरित्र सुनाया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी विद्यावान हैं जो विद्यावान होता है वह विनम्र होता है। विद्वान और विद्यावान के बीच भेद का सरल और सरस ढंग से वर्णन किया।
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने धाम में उपस्थित हजारों कथाप्रेमियों को अपनी वाणी से कथा का रसपान कराया। उन्होंने हनुमंत कथा के क्रम में कहा कि हनुमान जी जैसा सच्चा गुरू कोई नहीं है। उन्होंने विभीषण को श्रीराम से मिलवाने का मार्ग प्रशस्त्र किया तो वहीं सुग्रीव को भी भगवान श्रीराम से मिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जो ईश्वर से जोड़ता है वही सच्चा गुरू है। गुरू का कार्य शिष्य को परमशक्ति से जोड़ना होता है। संतों की तपोस्थली बागेश्वर धाम में लाखों लोग गुरूपूर्णिमा महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं। यहां दिन भर अन्नपूर्णा भण्डारा चल रहा है। दूर-दूर से सिद्ध संत भी बागेश्वर धाम बालाजी की शरण में आ रहे हैं।
प्रयागराज के मिश्र बन्धुओं के गीतों से झूम उठा पण्डाल
बागेश्वर धाम में चल रहे गुरू पूर्णिमा महोत्सव में रविवार को प्रयागराज से आए सुविख्यात गायक मिश्रा बंधू ने समा बांध दिया। उन्होंने अपने प्रख्यात गीत- है जिंदगी कितनी खूबसूरत, की प्रस्तुति दी जिसका उपस्थित जनसमूह ने आनंद उठाया। मीडिया से बातचीत करते हुए मिश्र बंधु सत्यप्रकाश मिश्रा और देवप्रकाश मिश्रा ने बताया कि उन दोनों की उम्र में मात्र 10 मिनिट का अंतर है। अच्छी खासी पढ़ाई करने और नौकरी हासिल करने के बाद करीब 17 वर्ष पूर्व उन्होंने सनातन का रास्ता चुना था। वर्तमान में वे इसी राह पर चलकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर द्वारा देखे गए हिन्दू राष्ट्र के सपने का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। बागेश्वर धाम में चल रहे महोत्सव की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य पाकर वे अपने आपको धन्य महसूस कर रहे हैं और उन्हें धाम पर स्वर्ग जैसे वातावरण की अनुभूति हो रही है।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे गुरूदेव के कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं, आज तीसरा अवसर है जब उन्हें गुरूदेव के मंच पर गीत गाने का मौका मिला है। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए गीत गाकर लोगों को आमंत्रित भी किया।
भजन गायिका शक्ति दुबे ने बांधा समां
बागेश्वर धाम में चल रहे गुरूपूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने पहुंची 15 वर्षीय प्रसिद्ध भजन गायिका शक्ति दुबे ने अपने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। शक्ति दुबे के गीतों ने समा बांध दिया। भजन गायिका शक्ति दुबे ने बताया कि इससे पहले भी कई बार धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों में भजनों की प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से वे मंचीय कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां दे रही हैं। मंच पर उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत- ऐसी लागी लगन, गीत सहित कई अन्य भजनों की प्रस्तुति दी, जिसका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया।
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बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने धाम में उपस्थित हजारों कथाप्रेमियों को अपनी वाणी से कथा का रसपान कराया। उन्होंने हनुमंत कथा के क्रम में कहा कि हनुमान जी जैसा सच्चा गुरू कोई नहीं है। उन्होंने विभीषण को श्रीराम से मिलवाने का मार्ग प्रशस्त्र किया तो वहीं सुग्रीव को भी भगवान श्रीराम से मिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जो ईश्वर से जोड़ता है वही सच्चा गुरू है। गुरू का कार्य शिष्य को परमशक्ति से जोड़ना होता है। संतों की तपोस्थली बागेश्वर धाम में लाखों लोग गुरूपूर्णिमा महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं। यहां दिन भर अन्नपूर्णा भण्डारा चल रहा है। दूर-दूर से सिद्ध संत भी बागेश्वर धाम बालाजी की शरण में आ रहे हैं।
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प्रयागराज के मिश्र बन्धुओं के गीतों से झूम उठा पण्डाल
बागेश्वर धाम में चल रहे गुरू पूर्णिमा महोत्सव में रविवार को प्रयागराज से आए सुविख्यात गायक मिश्रा बंधू ने समा बांध दिया। उन्होंने अपने प्रख्यात गीत- है जिंदगी कितनी खूबसूरत, की प्रस्तुति दी जिसका उपस्थित जनसमूह ने आनंद उठाया। मीडिया से बातचीत करते हुए मिश्र बंधु सत्यप्रकाश मिश्रा और देवप्रकाश मिश्रा ने बताया कि उन दोनों की उम्र में मात्र 10 मिनिट का अंतर है। अच्छी खासी पढ़ाई करने और नौकरी हासिल करने के बाद करीब 17 वर्ष पूर्व उन्होंने सनातन का रास्ता चुना था। वर्तमान में वे इसी राह पर चलकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर द्वारा देखे गए हिन्दू राष्ट्र के सपने का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। बागेश्वर धाम में चल रहे महोत्सव की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य पाकर वे अपने आपको धन्य महसूस कर रहे हैं और उन्हें धाम पर स्वर्ग जैसे वातावरण की अनुभूति हो रही है।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे गुरूदेव के कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं, आज तीसरा अवसर है जब उन्हें गुरूदेव के मंच पर गीत गाने का मौका मिला है। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए गीत गाकर लोगों को आमंत्रित भी किया।
भजन गायिका शक्ति दुबे ने बांधा समां
बागेश्वर धाम में चल रहे गुरूपूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने पहुंची 15 वर्षीय प्रसिद्ध भजन गायिका शक्ति दुबे ने अपने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। शक्ति दुबे के गीतों ने समा बांध दिया। भजन गायिका शक्ति दुबे ने बताया कि इससे पहले भी कई बार धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों में भजनों की प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से वे मंचीय कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां दे रही हैं। मंच पर उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत- ऐसी लागी लगन, गीत सहित कई अन्य भजनों की प्रस्तुति दी, जिसका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया।
