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छतरपुर: नरवाई की आग में झुलसी मासूम, दादी के साथ खेत जाते समय लपटों की चपेट में आने से 75 फीसदी जली, इलाज जारी
Thu, 28 Apr 2022 12:31 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 28 Apr 2022 12:31 PM IST
सार
छतरपुर जिले में एक 3 साल की मासूम नरवाई की आग में बुरी तरह जल गई। बच्ची अपनी दादी के साथ खेत से गुजर रही थी, इसी दौरान वह खेत में लपटों की चपेट में आ गई। बच्ची के इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया है।
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नरवाई की आग में झुलसी मासूम। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
छतरपुर जिले में खेत में लगी आग की चपेट में आकर एक 3 साल की मासूम बच्ची बुरी तरह से झुलस गई। उसे इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया है, जहां बच्ची का इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार मामला छतरपुर शहर के सिविल लाईन थाना क्षेत्र के ग्राम रसुईया का है, 3 साल की उमा अपनी दादी रधिया अहिरवार के साथ खेत जा रही थी, रास्ते में एक खेत की नरवाई में आग लगी हुई थी। दादी और पोती उसी खेत से होकर जा रही थी। आग के देखकर दादी ने अंदाजा लगाया कि उनके आग पगडंडी तक आने से पहले वे उसे पार कर लेंगी। दादी तेज स्पीड से चल रही थी, वहीं बच्ची अपने छोटे कदमों से धीमी रफ्तार से खेत पार कर रही थी। इसी दौरान तेज हवा चली और खेत के बीच में फंसी बच्ची लपटों की चपेट में घिर कर बुरी तरह जल गई। किसी तरह बच्ची की दादी ने उसे आग से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। 75 फीसदी जल जाने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को ग्वालियर भेज दिया गया।
बच्ची का इलाज करने वाली छतरपुर जिला अस्पताल की सर्जन डॉक्टर संजना रॉबिंसन ने बताया कि बच्ची 75% तक बर्न थी, जिसकी हालत गंभीर है, बर्न व्यक्ति समय गुजरने पर और उसके बर्न प्रतिशत में इज़ाफ़ा होता है और हालत खराब होती है, जिसके चलते बेहतर इलाज के लिए उसे ग्वालियर मेडिकल रैफर किया गया है।
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जानकारी के अनुसार मामला छतरपुर शहर के सिविल लाईन थाना क्षेत्र के ग्राम रसुईया का है, 3 साल की उमा अपनी दादी रधिया अहिरवार के साथ खेत जा रही थी, रास्ते में एक खेत की नरवाई में आग लगी हुई थी। दादी और पोती उसी खेत से होकर जा रही थी। आग के देखकर दादी ने अंदाजा लगाया कि उनके आग पगडंडी तक आने से पहले वे उसे पार कर लेंगी। दादी तेज स्पीड से चल रही थी, वहीं बच्ची अपने छोटे कदमों से धीमी रफ्तार से खेत पार कर रही थी। इसी दौरान तेज हवा चली और खेत के बीच में फंसी बच्ची लपटों की चपेट में घिर कर बुरी तरह जल गई। किसी तरह बच्ची की दादी ने उसे आग से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। 75 फीसदी जल जाने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को ग्वालियर भेज दिया गया।
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बच्ची का इलाज करने वाली छतरपुर जिला अस्पताल की सर्जन डॉक्टर संजना रॉबिंसन ने बताया कि बच्ची 75% तक बर्न थी, जिसकी हालत गंभीर है, बर्न व्यक्ति समय गुजरने पर और उसके बर्न प्रतिशत में इज़ाफ़ा होता है और हालत खराब होती है, जिसके चलते बेहतर इलाज के लिए उसे ग्वालियर मेडिकल रैफर किया गया है।
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