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मोदी-शाह के ‘70’ के क्राइटेरिया को गौर ने दी खुली चुनौती

Fri, 01 Jul 2016 09:11 AM IST
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल Updated Fri, 01 Jul 2016 09:11 AM IST
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challenge from madhya pradesh to modi and shah criteria of 70 age
- फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के 70 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके नेताओं को सरकार से बाहर रखने के क्राइटेरिया को मध्यप्रदेश से चुनौती मिली है। गुरुवार को राज्य में शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल के विस्तार के ठीक पहले दो बुजुर्ग मंत्रियों बाबूलाल गौर और सरताज सिंह का इस्तीफा मांगा गया, लेकिन दोनों ने ही ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। गौर ने कहा पहले मेरी गलती बताई जाए। अन्यथा मैं इस्तीफा नहीं दूंगा, चाहें तो मुझे केबिनेट से बर्खास्त कर दें। इसी तरह सरताज सिंह ने भी उम्र के पैमाने को गलत बताया।

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उनका कहना था कि बतौर मंत्री उनका परफॉरमेंस कैसा है, यह देखा जाना चाहिए। हालांकि शपथ ग्रहण समारोह के करीब आधा घंटा पहले सरताज ने अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री चौहान को भेज दिया। मगर गौर, जो सूबे के सीएम भी रह चुके हैं और 10 बार के लगातार विधायक हैं, ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया है। उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है। राज्यपाल और मध्यप्रदेश विधानसभा का स्पीकर बनने की पेशकश भी इसमें शामिल है।
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प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का फरमान सुनाने गौर और सरताज से मिलने पहुंचे और उनसे इस्तीफा मांगा, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। गौर के पास संगठन महामंत्री सुहास भगत को भी भेजा गया पर वह भी मायूसी हाथ लेकर लौटे। गौर इतने उखड़े हुए थे कि उन्होंने कहा, चाहें तो मुझे बर्खास्त कर दें, पर मैं त्यागपत्र नहीं दूंगा। जानकारी के अनुसार सरताज, जो अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में केंद्र में मंत्री रह चुके हैं और जिन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह को मात दी थी, पार्टी हाईकमान के फैसले से हतप्रभ थे।
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उन्होंने बताया कि मैंने विनय सहस्त्रबुद्धे और नंदकुमार चौहान से कहा कि लोग उम्र देखकर नहीं, परफॉरमेंस के आधार पर वोट देते हैं। यह पैमाना सही नहीं है। सरताज ने बताया कि मुझे बताया गया कि यह फार्मूला देश भर के लिए है और इसे लागू किया जाना है। लिहाजा मैंने पार्टी का निर्देश मानकर इस्तीफा दे दिया। जहां तक परफॉर्म करने का प्रश्न है, तो सरकारी गाड़ी का माइलोमीटर देखकर पता किया जा सकता है कि मैंने मंत्री बनने के बाद कितने दौरे किए और सूबे में सड़कों का कितना काम हुआ है। उल्लेखनीय है कि गौर की उम्र 87 वर्ष और सरताज 76 वर्ष के हैं।


बता दें कि मध्यप्रदेश में गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ढाई साल पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल किया। शाम 5 बजे 9 नए मंत्रियों ने राजभवन में शपथ ली। इनके नाम हैं अर्चना चिटनीस, रूस्तम सिंह, ओमप्रकाश धुर्वे, जयभान सिंह पवैया (चारों  केबिनेट मंत्री),  पांच राज्य मंत्री विश्वास सारंग, संजय पाठक, ललिता यादव, हर्ष सिंह और सूर्य प्रकाश मीणा।

Published By Rahul Sankrityayan

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