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दो IFS अफसरों में कुर्सी युद्ध: दोनों ने चैम्बर में अपने-अपने ताले लगाए, एफआईआर की धमकी से शांत हुआ मामला
Wed, 31 Aug 2022 10:01 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 31 Aug 2022 10:01 AM IST
सार
भोपाल में दो IFS अधिकारी कुर्सी के लिए भिड़ गए। ट्रांसफर के बाद वनसंरक्षक हरिशंकर मिश्रा ने चैम्बर में अपना ताला लगा दिया। चाबी, आवक-जावक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज साथ लेकर घर चले गए।
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पर्यावरण वानिकी वनमंडल कार्यालय सील किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में दो आईएफएस अफसर कुर्सी के लिए भिड़ गए हैं। मामला पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल के वनमंडलाधिकारी पद का है। ट्रांसफर के बाद वनसंरक्षक हरिशंकर मिश्रा ने चैम्बर में अपना ताला लगा दिया। चाबी, आवक-जावक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज लेकर घर चले गए। इसकी जानकारी मिलने पर नए वनमंडलाअधिकारी आलोक पाठक ने चैम्बर सील करा दिया। मिश्रा को एफआईआर कराने की धमकी दी, तब जाकर चाबी और अन्य दस्तावेज वापस मिले।
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दरअसल, मामला यूं है कि पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल से हरिशंकर मिश्रा का ट्रांसफर जुलाई में वन विभाग मध्य प्रदेश शासन ने आयोजना इकाई सिवनी कर दिया था। इसके खिलाफ मिश्रा कोर्ट चले गए। शासन ने पर्यावरण वानिकी वनमंडल का कार्यभार वनमंडलाधिकारी आलोक पाठक को दे दिया। मिश्रा के कार्यभार नहीं सौंपने पर उन्होंने 17 अगस्त को एकतरफा कार्यभार ग्रहण कर लिया। 29 अगस्त को मिश्रा ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर दोबारा पर्यावरण वानिकी वनमंडल का कार्यभार ले लिया। इसकी सूचना मुख्य वनसंरक्षक भोपाल को भेज दी गई। उन्होंने दिनभर काम किया और चैम्बर पर ताला लगाकर उसकी चाबी, आवक-जावक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज लेकर घर चले गए। यह जानकारी पाठक को लगी तो उन्होंने चैम्बर में दूसरा ताला लगा दिया और उसे सील करा दिया। उन्होंने इसकी सूचना शासन को दी।
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पाठक ने दी एफआईआर कराने की धमकी
शासन की तरफ से मिश्रा के लिए कोई दूसरा आदेश जारी नहीं करने की जानकारी मिलने पर आलोक पाठक ने मिश्रा को चिट्ठी लिखकर सरकार की तरफ से उन्हें कार्यभार देने संबंधी जानकारी दी। साथ ही कहा कि शासन की तरफ से आपका स्थानांतरण निरस्तीकरण या आपकी दोबारा पदस्थापना के आदेश जारी नहीं होते तब तक आपकी पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल में उपस्थिति मान्य नहीं की जा सकती है। यह भी सूचना भेजी कि घर ले गए आवक-जावक रजिस्टर और दस्तावेज वापस नहीं करने पर आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
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रात में बुलाकर चाबी और दस्तावेज सौंपी
जानकारी के अनुसार एफआईआर की धमकी वाले पत्र के बाद हरिशंकर मिश्रा ने पर्यावरण वन मंडल कार्यालय के आवक-जावक रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज और चाबी रात में ही स्टाफ को बुलाकर दे दी। इस मामले में वनमंडलाधिकारी आलोक पाठक ने बताया कि कोर्ट ने उनके मामले में मुख्यालय भोपाल में पदस्थ रखने का आदेश दिया। यह बात समझ में आने के बाद उन्होंने चैम्बर से लिए दस्तावेज वापस कर दिए हैं।
